मदर टेरेसा आश्रम में मकर सक्रांति के उपलक्ष में तिल पपड़ी एवं आवश्यक सामग्रीयों को जरूरतमंदों को किया गया वितरण झाबुआ। आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा जिला आयुष विभाग के विशेष सहयोग से शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर 16 जनवरी, शुक्रवार सुबह 9.30 से मौसम जनित बिमारियांे से रोकथाम हेतु एक दिवसीय आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करवाया गया। दोपहर में आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा स्थानीय मदर टेरसा आश्रम में मकर सक्रांति के उपलक्ष में जरूरतमंदों को तिल पपड़ी एवं आवश्यक सामग्रीयों का वितरण किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा शिविर का शुभारंभ आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं आयुष विभाग के पूर्व संभागीय अधिकारी डॉ. रमेश भायल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. कलमसिंह बारिया, आरएमओ डॉ. नरवरसिंह डामोर, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट की आजीवन अध्यक्ष वंदना व्यास, सचिव डॉ. नीरजसिंह राठौर, वरिष्ठ डॉ. यशवंत भंडारी, जेएल केलवा, पद्मावती त्रिवेदी आदि द्वारा भगवान श्री धनवतरिजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। बाद शिवरार्थियों को आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्टॉफ नर्स में अंतिमबाला डावर एवं भानूप्रिया शर्मा, आयुर्वेद कपाउंडर शादिहा शेख, मंजुला देराश्री, सुचिता भदोरिया एवं अंतर मुवेल आदि ने किया। इसमें विशेष सहयोग आउटसोर्स कर्मचारियों में केवनसिंह भूरिया, शैतान भूरिया, मुक्ता गोवरिया, ममता मखोड़िया एवं विजय पणांदे ने प्रदान किया। यह शिविर करीब 3 घंटे तक चला। इस दौरान करीब 164 लोगों ने मौसम जनित बिमारियों से रोकथाम के दृष्टिगत आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन किया। मदर टेरेसा आश्रम में आवश्यक सामग्रीयां प्रदान की गई शाम 4 बजे आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा मकर सक्रांति के उपलक्ष में मदर टेरेसा आश्रम में आवश्यक सामग्रीयों का वितरण किया गया। जिसमें अतिथि के रूप में ट्रस्ट की आजीवन अध्यक्ष वंदना व्यास के साथ सचिव डॉ. नीरजसिंह राठौर, परामर्शदाता डॉ. यशवंत भंडारी एवं मीडिया प्रभारी दौलत गोलानी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत मदर टेरेसा आश्रम की सिस्टर्स की ओर से किया गया। इस अवसर पर आश्रम में निवासरत दिव्यांग एवं वृद्धजनों को तिल पपड़ी एवं आवश्यक उपयोगी सामग्रीयां भेंट की गई। कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य जयेन्द्र बैरागी ने किया एवं आभार आश्रम के व्यवस्थापक ओंकारभाई ने माना।