सावित्री जागृति मेले का हुआ भव्य आयोजन, 350 से अधिक महिलाओं ने लिया भाग झाबुआ। भारतीय स्त्री शक्ति झाबुआ इकाई द्वारा सावित्री जागृति मेले का भव्य आयोजन स्थानीय केशव इंटरनेशनल स्कूल, बाड़कुआं पर किया गया। कार्यक्रम में झाबुआ के प्रत्येक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली लगभग 350 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मप्र शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सावित्रीबाई फुले ने अपने समय में बालिका शिक्षा जैसी सामाजिक चुनौतियों के लिए संघर्ष किया, उसी प्रकार आज की पीढ़ी को साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उत्पन्न समस्याओं और कुपोषण जैसी आधुनिक चुनौतियों से जूझना होगा। उन्होंने महिलाओं से जागरूक, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने का आव्हान किया। कार्यक्रम में भारतीय स्त्री शक्ति की राष्ट्रीय सचिव किरण शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए महिलाओं की सामाजिक भूमिका और वर्तमान समय में उनकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। वहीं भारतीय स्त्री शक्ति की मप्र अध्यक्ष प्रतिभा तिवारी ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की नारी को बाहरी श्रृंगार से अधिक ज्ञान, आत्मबल, संस्कार और आत्मसम्मान रूपी ‘सोलह श्रृंगार’ अपनाने की आवश्यकता है। मेले में महिलाओं के लिए रोचक एवं ज्ञानवर्धक खेल, प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक नृत्य और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में हस्तशिल्प कला की प्रदर्शनी भी महिला हस्तशिल्प कलाकारों द्वारा लगाई गई। साथ ही श्री हनुमान टेकरी सेवा समिति एवं वृंदावन धाम के महिला समूह द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। महिला सशक्तिकरण एवं जागरूकता का परिचय बना आयोजन कार्यक्रम में संगठन का परिचय भारतीय स्त्री शक्ति जिलाध्यक्ष अर्चना सिसोदिया ने दिया। संगठन गीत वंदना जोशी ने प्रस्तुत किया। प्रश्नोत्तरी का संचालन अंजू शर्मा एवं मनोरंजक खेलों का संचालन नेहा मेहता ने किया। अंत में आभार पूजा माथुर ने माना। आयोजन को सफल बनाने में प्रवीणा माथुर, सविता गुप्ता, कीर्ति देवल, रजनी पाटीदार, रुक्मणी वर्मा, लता देवल, रेणु माथुर, संगीता भाटी, कमला सोलंकी, सीमा शर्मा, शोभा राठौर, वंदना नायर, सीमा जैन सहित अनेक महिला सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं। सावित्री जागृति मेला महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी उदाहरण बना।