झाबुआ

लाड़ली बहना योजना की राशि नहीं मिलने से सूमा परेशान…दिया जनसुनवाई में आवेदन..फिर भी समस्या का हल नहीं हुआ

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झाबुआ – शहर के रातीतलई क्षेत्र में रहने वाली सूमा भूरिया के खाते में लाडली बहना योजना की राशि नहीं आने से परेशान हो रही है । संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग और बैंक के चक्कर लगाकर भी हितग्राही थक चुकी है । लेकिन करीब 6 माह से योजना के तहत राशि नहीं मिलने से हितग्राही ने जनसुनवाई में आवेदन दिया , लेकिन आवेदक को फिर वही विभाग में भेजा गया और अंत कोई हल नहीं निकला ।

जानकारी अनुसार सूमा भूरिया पति मुकेश भूरिया निवासी रातितलाई क्षेत्र ने जनसुनवाई में शिकायती आवेदन दिया और बताया कि लाडली बहना योजना के तहत राशि वर्षों से प्राप्त हो रही थी । सूमा के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में योजना की राशि मिल रही थी । लेकिन अचानक ही अगस्त माह से राशि नहीं मिलने पर हितग्राही नपा और महिला एवं बाल विकास विभाग में संपर्क किया गया । तब विभाग द्वारा बताया गया कि E-KYC और एनपीसीआई मैपर से आधार नंबर सीड करना है तब हितग्राही ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में पहुंचकर आवेदन के साथ कागजी खानापूर्ति पूर्ण कर ली । वह भी एक बार नहीं दो बार । लेकिन उसके बाद भी लाडली बहना योजना की राशि प्राप्त नहीं हुई । यह भी बताया कि बैंक और सरकारी विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। भारतीय स्टेट बैंक और महिला एवं बाल विकास के चक्कर लगाकर थक चुकी थी । उसके बाद जनसुनवाई में शिकायती आवेदन दिया था । लेकिन जनसुनवाई में शिकायती आवेदन के बाद , फिर वही स्थिती हो गई और आवेदन को महिला एवं बाल विकास विभाग शाखा में भेजा गया और वहां बताया गया है कि बैंक में जाकर पता करें । इस तरह संबंधित विभाग द्वारा लापरवाही कर , योजना से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है । वही महिला एवं बाल विकास विभाग की केबिनेट मंत्री के जिले में, महिला हितग्राही को लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है । और वही विभाग हितग्राही की समस्या हल करने के बजाय , परेशान कर रहा है जो समझ से परे है ।

सूमा भूरिया के यह भी बताया कि योजना से मिलने वाली राशि से घरेलू खर्च व बच्चों के पोषण में सहूलियत होती थी, लेकिन राशि रुक जाने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही सूमा ने यह भी बताया कि उसका पति मुकेश हम्माली कर जीवन बसर हो रहा है और इस योजना की राशि से हमें आर्थिक सहायता मिल जाती थी जिससे हमें परेशान नहीं होना पड़ता था । लेकिन 6 माह से राशि नहीं मिलने से सूमा भूरिया परेशान हैं । क्या प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग को सूमा भूरिया की परेशानी को लेकर कोई सहायता प्रदान करेगा या फिर सूमा यूं ही परेशान होती रहेंगी ।

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