झाबुआ —- आज 5 जनवरी गुरुवार को अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय अवसर था, जब जैन साध्वी कल्पदर्शिता श्रीजी महाराज सा. का आगमन हुआ। उनकी उपस्थिति ने विद्यालय को एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर गहूली बनाकर छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनका भव्य स्वागत किया। सर्वप्रथम महाराज सा. ने छात्रों को सरस्वती वंदना करवाई। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता और शिक्षक आपके जीवन में चलती हुई गाड़ी में ब्रेक के समान हैं ,वे अगर हमें टोकते और डाँटते हैं तो हमें बुरा नहीं मानना चाहिए। उनका कहना सुनना चाहिए। शिक्षक और माता-पिता हमारी भलाई के लिए ही हमें डांटते हैं । छात्रों से मोबाइल का कम से कम उपयोग करने के लिए कहा। उन्होंने छात्रों से संकल्प लिया कि परीक्षा पूर्ण होने तक मोबाइल का उपयोग बिल्कुल नहीं करेंगे ।मोबाइल देखने से केवल समय नष्ट होता है। उन्होंने माता-पिता से भी निवेदन किया कि वे छात्रों को मोबाइल कम से कम प्रयोग करने दे। छात्रों को पढ़ाई से संबंधित कुछ टिप्स दिए , उन्होंने कहा कि जोर-जोर से पढ़ कर याद करना चाहिए और अगर कुछ कठिन लगे तो लिख- लिख कर और बोल – बोल याद करना चाहिए । छात्रों से कहा कि कभी भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जीवन में सच्चाई, अहिंसा और शांति के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने अपने आशीर्वाद से सभी को आशीर्वादित किया और विद्यार्थियों को अच्छे आचरण, समर्पण और परिश्रम से जीवन में सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया। अंत में मांगलिक का श्रवण करवाया।
विद्यालय के संस्थापक डॉ.लोकेश दवे ने महाराज सा. को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी छात्र महाराज सा. की बताई गई बातों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महाराज सा. से आशीर्वाद प्राप्त किया। विद्यालय का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेगा और उन्हें जीवन के सर्वोत्तम मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।