झाबुआ

नई परिवहन नीति के विरोध में बस संचालकों ने ज्ञौपन सौंपा और मांगे नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी ।

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झाबुआ -मध्यप्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में झाबुआ जिले के बस संचालकों ने कलेक्टर कार्यालय में एकत्रित होकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी व्यक्त की और मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और मांगे नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात भी कही ।

दोपहर करीब 2 बजे जिला बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में कलेक्टर कार्यालय परिसर के बाहर‌ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम महेश मंडलोई को ज्ञापन सौंपा और बताया कि नई परिवहन नीति दमनकारी है और इससे बस व्यवसाय पूरी तरह ठप हो जाएगा । यह भी बताया कि लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संचालकों की मुख्य आपत्ति 24 दिसंबर 2025 और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधनों पर है। यह भी कहा कि सागर में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो 2 मार्च 2026 से पूरे प्रदेश में बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी ।

प्रमुख मांगे :-

  1. दिनांक 24/12/2025 को राजपत्र पत्र में संशोधन का प्रारूप प्रकाशित किया गया है उसे वापस समाप्त किया जाए।
  2. दिनांक 29/01/2026 को राजपत्र में किया गया संशोधन प्रकाशित किया गया है उसे पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए।
  3. वर्तमान में जिस व्यवस्था के साथ प्रदेश में बस संचालन किया जा रहा है उसे यथावत रखा जाए।

झाबुआ जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिनेश मेवाड़ा’ ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग इन संशोधनों को तत्काल निरस्त करना और वर्तमान व्यवस्था को यथावत बनाए रखना है। बस मालिकों ने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित हड़ताल से आम जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस अवसर पर जिले के कई बस संचालक उपस्थित रहे।

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