झाबुआ

सशक्त और स्वस्थ बालिका ही भविष्य में सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण करती है।- श्रीमती प्रीति चौहान अध्यक्ष न्यायपीठ बाल कल्याण समिति झाबुआ म.प्र.

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केंद्र सरकार के सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के अंतर्गत तथा मध्यप्रदेश शासन की मंशा अनुरूप शासकीय जिला अस्पताल झाबुआ में चलाए जा रहे उक्त अभियान के परिप्रेक्ष्य में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति झाबुआ के द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सहयोग प्रदान किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए HPV टीकाकरण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक बालिकाओं को इस टीके से लाभान्वित करवाना है।
इस अवसर पर न्यायपीठ अध्यक्ष द्वारा उपस्थित बालिकाओं और उनके परिजनों को HPV संक्रमण, उसके प्रभाव और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान को भारत की ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बनाने और देश भर में माताओं-बेटियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एडवोकेट एवं न्यायपीठ सदस्य श्री चंचल भंडारी ने बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर वैश्विक स्तर पर और भारत में भी बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य एचपीवी संक्रमण के संभावित खतरे से पहले लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करके गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकना है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है तथा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार एचपीवी स्ट्रेन से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है। यह टीका विशेषकर 14 वर्ष की आयु की लड़कियां (वे लड़कियां जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है लेकिन अभी 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है) के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और समय पर लगाया गया टीका भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव करता है। कार्यक्रम के दौरान न्यायपीठ सदस्य श्रीमती सपना भट्ट ने कहा कि बालिकाओं का स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला काउन्सलर श्री दिलीप परिहार का सराहनीय योगदान रहा साथ ही नर्स एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
महिला दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस प्रकार का स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम समाज में महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। न्यायपीठ ने भविष्य में भी बालिकाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महिला दिवस के इस अवसर पर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति झाबुआ सभी माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह करती है कि वे अभियान अवधि के दौरान अपनी 14 वर्षीय बेटियों को एचपीवी का टीका अवश्य लगवाएं। एचपीवी टीकाकरण एक शक्तिशाली निवारक उपाय है जो जीवन बचा सकता है और भारत की बेटियों के लिए एक स्वस्थ और कैंसर-मुक्त भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।

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