झाबुआ

खोया नहीं, अब पाया है – हर बच्चे का भविष्य बचाया है।” श्रीमती प्रीति चौहान-अध्यक्ष बाल कल्याण समिति झाबुआ म.प्र.

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उक्त कथन चरितार्थ करता है समिति की मेहनत, लगन और उनके पदीय कार्य के प्रति प्रतिबद्धता को।
ऐसा ही एक मामला जिले में शनिवार को देखने मे आया, जिसमें जिले की एक 8 वर्षीय गुमशुदा नाबालिग बालिका को झाबुआ पुलिस द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उक्त बालिका ठीक से अपना नाम, माता-पिता और गांव का नाम नही बता पा रही थी। अध्यक्ष द्वारा जिले में सभी सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म और कॉन्टेक्ट नंबरों पर सम्पर्क किया गया। सम्पर्क करने के 24 घंटों के भीतर एवं समिति अध्यक्ष के अथक प्रयासों से माता-पिता का पता लगा लिया गया और माता-पिता को बालिका को सकुशल सुपुर्द किया गया। उक्त कार्य में सदस्य एवं एडवोकेट श्री चंचल भंडारी, श्रीमती सपना भट्ट, श्री सुरेंद्र सिंह भुरिया, कार्यालयीन स्टाफ श्री अनिल अवास्या एवं लालू परमार का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।

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