झाबुआ

71 वर्षीय श्रीमती निर्मला देवी बोथरा का संथारापूर्वक देवलोकगमन

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नगर में डोल यात्रा निकाली गई

थांदला (वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) नगर के प्रतिष्ठित व धर्मनिष्ठ बोथरा परिवार के स्वर्गीय बलवंतराय बोथरा की पुत्र वधू एवं श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ थांदला के वरिष्ठ श्रावक प्रकाशचंद्र बोथरा की धर्म सहायिका श्रीमती निर्मलादेवी बोथरा का 71 वर्ष की उम्र में शनिवार 11 अप्रैल को संथारापूर्वक देवलोकगमन हो गया। उन्होंने नगर में विराजित साध्वी श्री निखिलशीलाजी म. सा. के मुखारविंद से संथारे के प्रत्याख्यान ग्रहण किए थे। जैन धर्म में संथारे का बहुत महत्व दर्शाया गया है। संथारा लेने से भव सुधर जाता है। उन्होंने अपने जीवन में कई आराधनाएं की थी। वे श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के सक्रिय सदस्य युवा व्यापारी सचिन बोथरा एवं नितेश बोथरा की माताजी थे। रविवार को जवाहर मार्ग स्थित उनके निवास से निकली डोल यात्रा में नगर के समाजजन, विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रावक-श्राविकाओं एवं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी – सदस्यों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के दौरान श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, श्री दिगंबर जैन समाज आदि कई धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारी संगठनों आदि द्वारा शॉल ओढ़ाई गई। मुक्तिधाम पर दोनों पुत्रों, पौत्र आदि ने मुखाग्नि दी।

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