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धार का डायनासोर नेशनल पार्क अब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा विस्तारित; बनेगा विशाल संग्रहालय

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*संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की डायनासोर नेशनल पार्क के मास्टर प्लान और विस्तार की समीक्षा*

*धार  13 मई 2026।*  संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आज डायनासोर नेशनल पार्क धार को लेकर वीडियो कान्फ्रेसिंग बैठक आयोजित की गई। धार से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना, मुख्य वन संरक्षक श्री टी.एन. मिश्रा, जिला वनमण्डलाधिकारी श्री विजय मंथन एवं अभिनव प्रायवेट लिमिटेड के कंसल्टेंट श्री कौश्तुभ कुर्लेकर शामिल हुए।
        बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने डायनासोर नेशनल पार्क से संबंधित मास्टर प्लान, बेसलाईन स्टडी और कंसलटेंट द्वारा तैयार प्रस्ताव की समीक्षा की गई। बैठक में डॉ. खाड़े ने बताया कि धार क्षेत्र में पहले से ही 89 हेक्टेयर क्षेत्र में जीवाश्म पार्क है। इस पार्क में जीव-जन्तुओं के जीवाश्म, डायनासोर की हड्डिया, अंडे, मल और इकाइनोडर्मा, मोलस्का, मछली और पोरिफेरा प्रजातियां शामिल हैं, जिन्हें डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान में दर्ज किया गया है। इस डायनासोर पार्क को देखने के लिए पर्यटक आते हैं। अब इसका दायरा बढ़ाया जायेगा, जो 89 हेक्टेयर से बढ़कर 200 हेक्टेयर का हो जायेगा। इस डायनासोर नेशनल पार्क में धार जिले की चार गांवों की जमीनों को शामिल किया गया है। पर्यटकों की आकर्षित करने के लिए इस पार्क का दायरा बढ़ाया जा रहा है। यहां पर एक विशाल संग्रहालय भी बनेगा, जिसमें डायनासोर के जीवाश्म, हड्डिया आदि प्रदर्शित किए जाएंगे।
        बैठक में बताया गया कि इस क्षेत्र में बड़केश्वर महादेव मंदिर और हनुमान मंदिर जैसे धार्मिक स्थल है , तो वहीं बाघ गुफाएं और बाघ किला जैसे एतिहासिक स्थल है। इस क्षेत्र में अरंडी, शीशम, सतावर, सागवान जैसे वृक्ष और जड़ी बूटियों के 1644 पौधे मौजूद हैं। इसके अलावा यहां सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा और सांप जैसे जीव-जन्तु भी है। इस क्षेत्र में होटल और रिसोर्ट्स होंगे। टावरों की स्थापना होगी। सड़कों का चौड़ीकरण के साथ नए सड़कों का निर्माण होगा। साथ ही रात के समय वाहनों की आवाजाही होगी। इस पार्क के विस्तारित होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पार्क में उत्खनन, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, जलाऊ लकड़ी का व्यवसायिक उपयोग, ईंट भट्टों की स्थापना, प्राकृतिक जल निकायों में अनुपचारित अपशिष्टों का निर्वहन जैसी गतिविधियां पर प्रतिबंध रहेगा।

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