शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता – कलेक्टर
थांदला (वत्सल आचार्य की रिपोर्ट)
धरती आबा योजना अंतर्गत संचालित “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले अभियान” के तहत थांदला विकासखंड के ग्राम उदयपुरिया में संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा आमजन की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया। कलेक्टर ने कहा कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के साथ गांव-गांव पहुंचकर संतृप्ति शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं आदर्श बनाने में सराहनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अगली बार गांव के भ्रमण के दौरान प्रत्येक पात्र व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड होना चाहिए तथा गांव की सड़क एवं अन्य आवश्यक मांगों का भी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कम तौल अथवा चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि “लखपति दीदी” योजना के माध्यम से महिलाएं बचत, स्वरोजगार एवं छोटे व्यवसाय अपनाकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिविर में चिन्हित मरीजों का बेहतर अस्पतालों में उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी बुजुर्गों एवं पात्र नागरिकों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने सरपंच को निर्देशित किया कि ग्राम को शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्डधारी गांव बनाया जाए तथा पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को दवा के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। इस अवसर पर कलेक्टर ने ग्राम सरपंच भारत कटारा द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं ग्राम के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा की।
विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित
शिविर में कृषि विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली की जानकारी दी गई। बीईओ थांदला द्वारा “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले अभियान” के उद्देश्य बताए गए। सूतरेटी के मुकेश भूरिया ने जैविक कृषि को बढ़ावा देने संबंधी जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी, डायबिटीज एवं टीबी जैसी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
हितलाभ वितरण किया गया
सामाजिक न्याय विभाग द्वारा रेखा सिंगाड़िया को यूडीआईडी कार्ड वितरित किया गया तथा जोनू प्रकाश वसुनिया को दिव्यांग पेंशन योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 70 आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिनमें बाबू निनामा एवं रिंकू निनामा को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। राजस्व विभाग द्वारा गोरचंद वसुनिया एवं रामा मनसू मावी को खाता-खसरा नकल प्रदान की गई। एमआरएलएम अंतर्गत रीना डामोर को “अक्षर साथी” के रूप में समूह की निरक्षर महिलाओं को शिक्षित करने हेतु स्लेट का वितरण किया गया। खुशबू अनिल कटारा को लाड़ली लक्ष्मी योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मौके पर शिकायतों का निराकरण एवं निर्देश
ग्राम की अन्य फलियों तक सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। सीबल फलिया तक सड़क निर्माण की मांग पर जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 1.5 किलोमीटर सड़क को शामिल किया गया है। दिव्यांग महिला के फिंगर प्रिंट स्कैन नहीं होने के कारण ई-केवाईसी नहीं हो पाने एवं राशन नहीं मिलने की शिकायत पर कलेक्टर ने महिला को नॉमिनी बनाकर राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कपिल धारा कूप निर्माण में सामग्री भुगतान लंबित होने की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित हितग्राहियों एवं सार्वजनिक कूपों के भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए। ग्राम में पुलिया निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने सहायक यंत्री को एस्टीमेट एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मांग पर जानकारी दी गई कि नवीन सर्वे में ग्राम पंचायत के 584 आवेदकों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। स्वीकृति प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत में सूची चस्पा करने के निर्देश दिए। शिविर में लॉस ऑफ विजन संबंधी शिकायत पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। वहीं हियरिंग लॉस से पीड़ित बालिका का आरबीएसके योजना अंतर्गत उपचार कराने हेतु बीएमओ को निर्देशित किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि लंबित होने की जानकारी पर कलेक्टर ने जिला स्तर से प्रकरण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। राशन वितरण में कम तौल की शिकायत पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि व्यवस्थित तौल के साथ राशन वितरण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व थान्दला श्री भास्कर गाचले, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन, तहसीलदार थान्दला श्री सुखदेव डावर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। बहरहाल आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में प्रथम बार योगेशजी जैसे कलेक्टर जिले को मिले है जिनका मुख्य ध्येय गरीब, शोषित वर्ग को मुख्य धारा में जोड़ना है वहीं हर आयोजन में डॉक्टर की भूमिका भी बखूभी निभा कर स्वास्थ के क्षेत्र में भी अपना कर्तव्य पूरा करते है दोहरी भूमिका का निर्वहन वो भी उच्च तापमान की अनदेखी कर ऐसे डॉक्टर कम कलेक्टर के लिये सैल्यूट तो बनता है।