*ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर शावक को लिया सुरक्षित सुपुर्दगी में*
*माँ से मिलाने का प्रयास रहा असफल, कमजोरी के कारण विशेष डॉक्टरों की देखरेख में भेजा गया भोपाल*
*धार, 24 मई 2026।* वन परिक्षेत्र धामनोद के अंतर्गत उप परिक्षेत्र उमरबन की बीट सांवलाखेडी के ग्राम बेंचकुंआ में नदी किनारे झाड़ियों में एक वन्यजीव तेंदुआ शावक मिलने से क्षेत्र में कौतूहल का विषय बन गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शावक को सुरक्षित अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। यह पूरी कार्रवाई वन मंडल अधिकारी श्री विजयानंथम टी.आर. के कुशल मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी धामनोद एवं वन स्टाफ द्वारा मौके पर पहुंचकर मुस्तैदी से की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग के अमले ने शावक को उसकी माँ से मिलाने के उद्देश्य से रातभर घटना स्थल के आसपास रखकर कड़ी निगरानी रखी। हालांकि, काफी प्रयासों के बाद भी मादा तेंदुआ वहां नहीं पहुंची और टीम को सफलता हाथ नहीं लगी। इसके पश्चात रविवार को वन्यजीव तेंदुआ शावक को सुरक्षित वन परिक्षेत्र कार्यालय धामनोद लाया गया, जहाँ पशु चिकित्सक अधिकारी की उपस्थिति में उसका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों के परीक्षण में पाया गया कि यह तेंदुआ शावक ‘मादा’ है और अत्यधिक कमजोरी की स्थिति में है।
*विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज जारी*
पशुचिकित्सक अधिकारी द्वारा लिखित में सुझाव दिया गया कि शावक की जान बचाने और उसके बेहतर स्वास्थ्य के लिए उसे किसी विशेष चिकित्सक की सतत निगरानी में रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। इस चिकित्सकीय सलाह के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार मादा तेंदुआ शावक को तुरंत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल भेज दिया गया है, जहाँ वन्यजीव विशेषज्ञों और डॉक्टरों की टीम उसकी चौबीसों घंटे निगरानी व देखभाल कर रही है।