झाबुआ – स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव 52 जिनालय के ज्ञान मंदिर में संचालित श्री राजेंद्र जयंत पाठशाला में प्रातः 80 से 90 बच्चे प्रतिदिन 3 घंटे ज्ञानार्जन के साथ ही शाम को 35 से अधिक बच्चे प्रतिदिन उत्कृष्ट प्रतिक्रमण की आराधना कर रहे हैं,200 से अधिक सामायिक प्रतिदिन बच्चों द्वारा की जा रही है, 45 डिग्री तापमान में बिना A/C कूलर,पंखे के सामायिक प्रतिक्रमण की साधना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
श्री संघ के रिंकु रुनवाल ने बताया कि पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सुरीश्वर जी महाराज साहेब के सपनो को साकार करती झाबुआ की पाठशाला में जैन धर्म के कठिनतम प्रतिक्रमण सूत्रों के ज्ञानार्जन के साथ ही बच्चों को जीवन जीने की उत्कृष्ट कला भी सिखाई जा रही है एवं बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है।
पाठशाला में उत्कृष्ट सेवा दे रहे श्रीसंघ अध्यक्ष संजय मेहता ने बताया कि 5 क्लासो में संचालित पाठशाला में प्रतिदिन 3 घंटे निस्वार्थ भाव से श्री संघ के सुश्रावक रमेश छाजेड़,जयेश संघवी, रचित कटारिया,प्रतीक मुथा श्राविकाओं में श्रीमती कविता मेहता, ममता संघवी,सुषमा जैन,सोनू पगारिया द्वारा उत्कृष्ट सेवा प्रदान की जा रही है। पाठशाल का पूरा मैनेजमेंट उल्लास जैन ,हेमेंद्र संघवी एवं मुकेश लोढ़ा द्वारा किया जा रहा हैं।
35 से अधिक बच्चे कर रहे प्रतिदिन प्रतिक्रमण की साधना
3 से 16 वर्ष के 35 से अधिक बच्चों द्वारा जैन धर्म के कठिनतम प्रतिक्रमण की उत्कृष्ट आराधना शाम 7.15 से 8.30 बजे तक की जा रही है। प्रतिक्रमण की उत्कृष्ट साधना पाठशाला के बालक में दैविक राठौड़,रिदम राठौर,अमन देशलहरा, रियांश रुनवाल, चैत्य मुथा,विधान पगारिया युग रुनवाल,गौतम वागरेचा, समांश भंडारी, पूर्वित कटकानी,धवीत कटकानी, सिध्दम बरडिया,मोक्ष कटारिया,स्पर्श रुनवाल, नेविक रुनवाल,अर्हम संघवी, हितांशु नाहर बालिकाओं में गर्वी राठौर,राशी राठौर, आशी देशलहरा,आरवी देशलहरा, मिष्टी जैन, द्रष्या कांठी, विहाना कटारिया,आर्या पगारिया, दिव्याना जैन,गाथा सकलेचा,परी रुनवाल,वंशिका रुनवाल, नित्या रुनवाल ,चहेती पगारिया, रिया बाफना,तमन्ना रुनवाल, शिवांगी जैन,आर्ची जैन द्वारा प्रतिदिन प्रतिक्रमण किया जा रहा है।