झाबुआ – । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक श्रवण रविवार को प्रातः 11:00 बजे कृषि विभाग के कृषक सभा गृह, झाबुआ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित कृषक बंधुओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत, विज्ञान, जल संरक्षण तथा समाज सेवा जैसे विभिन्न विषयों पर देशभर के प्रेरणादायक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए जनभागीदारी की शक्ति को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के मौसम में लोगों से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया । प्रधानमंत्री ने भारतीय पारंपरिक पेय पदार्थों की उपयोगिता पर भी प्रकाश डालते हुए आम पन्ना, लस्सी, छाछ, सत्तू, कोकम शरबत तथा बेल पना जैसे पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक पेयों के महत्व को बताया। उन्होंने देश में आम की विभिन्न प्रसिद्ध किस्मों का उल्लेख करते हुए आम उत्पादक किसानों के योगदान की सराहना भी की।
सभा गृह में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि आज सभी लोग देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुनने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक माह “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, विज्ञान, पर्यावरण एवं सामाजिक नवाचारों से जुड़े प्रेरणादायक विषयों को देशवासियों के साथ साझा करते हैं। यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जनजागरूकता का सशक्त मंच बन चुका है । सुश्री भूरिया ने उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से इनके अवशेष खाद्य श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होना चाहिए तथा मोटे अनाज (श्री अन्न) के उत्पादन को बढ़ावा देना चाहिए । उन्होंने कहा कि पहले बीपी एवं डायबिटीज जैसी बीमारियों को शहरों तक सीमित माना जाता था, किंतु अब ये समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित कृषकों से प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम में दिए गए संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) झाबुआ महेश कुमार मंडलोई, उप संचालक कृषि विभाग नगीन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।