झाबुआ

ठेकेदार की जिम्मेदारी ग्रामीणों के कंधों पर, भीषण गर्मी में पाइप ढोने को मजबूर हुए ग्रामीण

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झाबुआ/ मेघनगर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा हैंडपंप संधारण कार्य ठेकेदार पद्धति से कराया जा रहा है, जिसमें हैंडपंप संधारण कार्य के साथ परिवहन सहित संपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी ठेकेदार की  है। इसके बावजूद  ग्राम पंचायत अंतरवेलिया के गल फलिया में खराब हैंडपंप की मरम्मत के दौरान ग्रामीणों को स्वयं पाइप ढोने के लिए मजबूर होना पड़ा।


जानकारी के अनुसार मेघनगर/झाबुआ ब्लाक के ग्राम पंचायत अंतरवेलिया के गल फलिया निवासी डुबालिया भूरिया के मकान के पास स्थित हैंडपंप खराब हो गया था। हैंडपंप में पाइप बदलने या बढ़ाने का कार्य किया जाना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा परिवहन की व्यवस्था नहीं किए जाने से ग्रामीणों ने पाइप अपने कंधों पर उठाकर भीषण गर्मी में किशनपुरी स्थित पीएचई के कार्यालय से पैदल चलते हुए पाईप अपने कंधों पर लादकर बस स्टैंड पर, बस पर चढ़ाए तथा अंतरवेलिया में बस से पाईप उतारकर पुनः अपने कंधों पर लादते हुए संधारण/ मरम्मत स्थल तक पहुंचाए। जबकि अनुबंध की शर्तों के अनुसार पाइप एवं अन्य सामग्री का परिवहन करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है और संधारण कार्य हेतु वाहन से सामग्री संधारण स्थल लाने व ले जाने की जिम्मेदारी भी है और उसका भूगतान भी विभाग द्वारा किया जा रहा है । साथ ही आकस्मिक कार्य को दृष्टिगत रखते हुए जीपीएस युक्त वाहन विभागीय या उपखंड कार्यालय में खड़ा करना है ।  ग्रामीणजन का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं और कार्य का अतिरिक्त बोझ ग्रामीणों पर डाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि संधारण कार्य का भुगतान ठेकेदार को किया जा रहा है, तो परिवहन और श्रम संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उसी के द्वारा किया जाना चाहिए । इस घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली और ठेकेदारों की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कारवाई तथा सामग्री परिवहन ना करने पर ठेकेदार का भुगतान रोकने की बात कही है तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है ।

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