झाबुआ

हैंडपंप संधारण कार्य में  वाहन के फर्जी दस्तावेज का आरोप, पीएचई विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

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झाबुआ —- जिले में हैंडपंप संधारण कार्य से जुड़े राणापुर ब्लाक के ठेकेदार पर वाहन संबंधी फर्जी अनुबंध दस्तावेज प्रस्तुत करने का आरोप लगा है। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया के बाद ठेकेदार द्वारा वाहन के अनुबंध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, अनियमितताएं हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से मामले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा हैंडपंप संधारण कार्य ठेकेदार पद्धति से किया जा रहा है और इस हेतु सामग्री परिवहन हेतु ठेकेदार को वाहन भी उपलब्ध कराना है याने संपूर्ण कार्य परिवहन सहित हैं लेकिन राणापुर ब्लाक में हैंडपंप संधारण कार्य हेतु वाहन उपलब्धता के लिए जो दस्तावेज जमा किए गए हैं । वह पूर्ण रूप से गलत है इस प्रक्रिया में वाहन स्वामी कोई ओर है और अनुबंध संबंधी दस्तावेज किसी ओर का प्रस्तुत किया गया है यह वाहन किसी सड़क ठेकेदार के नाम रजिस्टर्ड है और अनुबंध उस ठेकेदार के भाई के नाम है जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है और सबसे बड़ी बात यह वाहन आज तक संधारण कार्य हेतु नजर नहीं आए हैं वहीं यह वाहन किसी सड़क ठेकेदार के यहां पर काम में लगा हुआ है । मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद जांच और कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग मामले को गंभीरता से लेने के बजाय अनदेखा कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

वही ग्राम पंचायत बुंदीपाडा के गोपाल पूरा में मंगलवार सुबह बालिका की मौत को लेकर पटवारी और सचिव के साथ पीएचई के उपयंत्री को भी जिम्मेदार मानते हुए प्रशासन द्वारा निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है इस तरह इस विभाग में अधिकारी कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है क्या शासन प्रशासन हैंडपंप संधारण कार्य की प्रक्रिया को लेकर कोई जांच पड़ताल करेगा……?

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