थांदला, (वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर थांदला विकासखंड के ग्राम मादलदा स्थित वन विभाग की भूमि पर एसडीएम भास्कर गाचले के नेतृत्व में विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अमले एवं क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बड़ी संख्या में पौधारोपण किया।
वृक्षारोपण अभियान के दौरान वन विभाग द्वारा तैयार किए गए गड्ढों में हजारों पौधे रोपे गए। इस अवसर पर थांदला रेंजर तोलाराम हटीला, तहसीलदार सुखदेव डावर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेंद्र बराड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में एसडीएम भास्कर गाचले ने ग्रामीणों को वृक्षारोपण के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण के संबंध में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय असंतुलन और बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। वृक्ष मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने घरों, खेतों की मेड़ों तथा उपलब्ध खाली स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल अपने बच्चों की तरह करें। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायी साबित होगा।
एसडीएम गाचले ने बताया कि वन विभाग द्वारा इस स्थल पर लगभग 50 हजार गड्ढे तैयार किए गए हैं। इनमे पूरे वर्षा सत्र के दौरान इस क्षेत्र में कुल 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनभागीदारी आधारित अभियान बताया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस वृक्षारोपण कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।