*नदियों एवं जलाशयों में मत्स्याखेट, क्रय-विक्रय और परिवहन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध*
*नियमों का उल्लंघन करने पर 1 वर्ष का कारावास या 5 हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनों दण्डों का है प्रावधान*
*धार, 10 जून 2026।* कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी धार श्री राजीव रंजन मीना ने वर्षा ऋतु में मछलियों की वंशवृद्धि (प्रजनन) को दृष्टिगत रखते हुए तथा उन्हें उचित संरक्षण प्रदान करने हेतु एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मध्यप्रदेश नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा-03 (2) के अंतर्गत आगामी 16 जून 2026 से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को जिले में ‘बंद ऋतु’ (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान जिले के भीतर सभी प्रकार का मत्स्याखेट (मछली पकड़ना), मत्स्य क्रय-विक्रय अथवा उनका परिवहन करना पूरी तरह से निषेध रहेगा। जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध जिले की समस्त नदियों, बड़े जलाशयों एवं जल स्रोतों पर कड़ाई से लागू होगा। केवल ऐसे छोटे तालाब या अन्य सीमित जल स्रोत जिनका किसी भी नदी से कोई जीवंत संबंध नहीं है और जो ‘निर्दिष्ट जल’ की विधिक परिभाषा के अंतर्गत शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। शासकीय नियमों व निर्देशों का उल्लंघन कर अवैध मत्स्याखेट या परिवहन करने वाले दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध ‘मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम, 1981’ की धारा-5 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत उल्लंघनकर्ता को 01 वर्ष तक का कारावास या 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा इन दोनों दण्डों से एक साथ दण्डित किए जाने का कानूनी प्रावधान है। कलेक्टर श्री मीना ने इस अधिसूचना के माध्यम से जिले के समस्त नागरिकों, मछुआ सहकारी समितियों, मत्स्य समूहों, निजी मत्स्य पालकों और आमजन से अपील की है कि वे मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन और मत्स्य संपदा के संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें। इस अवधि में न तो स्वयं किसी प्रकार के मत्स्याखेट, क्रय-विक्रय या परिवहन कार्य में लिप्त हों और न ही अवैध रूप से ऐसा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को सहयोग प्रदान करें।