थांदला (थांदला वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) – पहली बार किसी अनुविभागीय अधिकारी ने phe कार्यालय मे जा कर जंच की। आमजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भास्कर गाचले ने गुरुवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) कार्यालय एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीएचई के एसडीओ राहुल सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गाचले ने कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों, फील्ड अमले तथा उनके दैनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित पेयजल योजनाओं एवं उनकी प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में गुणवत्ता एवं नियमित मॉनिटरिंग बनाए रखने के निर्देश दिए।
जल परीक्षण प्रयोगशाला में एसडीएम ने विभिन्न हैंडपंपों एवं ट्यूबवेलों से प्राप्त जल नमूनों की जांच प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। प्रयोगशाला तकनीशियन से उन्होंने पानी के पीएच मान, टीडीएस, फ्लोराइड एवं क्लोरीन की मात्रा की जांच संबंधी तकनीकी जानकारी प्राप्त की तथा स्वयं भी परीक्षण प्रक्रिया को समझा। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता की नियमित जांच से ही लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।
एसडीएम गाचले ने ब्लॉक समन्वयकों को निर्देशित किया कि जल परीक्षण किट की जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में नियुक्त पानी मित्र नियमित रूप से जल स्रोतों की जांच करें तथा किसी भी स्थान से दूषित पानी की सूचना मिलने पर तत्काल नमूना लेकर परीक्षण कराया जाए। यदि पानी पेयजल योग्य नहीं पाया जाता है तो संबंधित स्रोत को तत्काल बंद कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वर्षाकाल को देखते हुए एसडीएम ने क्लोरीन एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की। एसडीओ राहुल ने बताया कि आवश्यक सामग्री की मांग शासन को भेज दी गई है तथा आगामी कुछ दिनों में प्राप्त होने की संभावना है। सामग्री उपलब्ध होते ही 15 जून के बाद उसका वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के अंत में एसडीएम गाचले ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।