झाबुआ – नपा प्रशासन द्वारा शुक्रवार शनिवार की रात में नगर पालिका झाबुआ की राजस्व टीम द्वारा बस स्टैंड पर अपने स्वामित्व वाली दुकान क्रमांक 1 से दुकान क्रमांक 13 को सील कर दिया गया है । वही व्यापारीयो का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नपा के ध्वस्तीकरण नोटिस को निरस्त किए जाने के बावजूद 13 दुकानों को सील किया गया है जिससे व्यापारीगण में आक्रोश है ।
झाबुआ में नगरपालिका प्रशासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत कारवाई करने का मामला सामने आया है। व्यापारियों द्वारा बताया गया है कि कल ही हाईकोर्ट द्वारा नगरपालिका के ध्वस्तीकरण नोटिस को निरस्त किए जाने के बावजूद, आज शनिवार सुबह ठीक 5:00 बजे नगरपालिका अमले ने दुकानदारों की 13 दुकानों को सीलबंद कर दिया। इस कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित दुकानदारों—प्रदीप भंडारी, रमेशचंद्र जैन, समरथमल चौरसिया, राजेश सेन, कांतिलाल परिहार, दर्शन कोठारी, कीर्तिश कुमार भावसार और गौरव जैन ने पत्रकारों को बताया कि नगरपालिका ने उन्हें 5 जून को दुकानें तोड़ने का नोटिस दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट इंदौर में याचिका (WP No. 20154/2026) लगाई थी। दुकानदारों ने जानकारी दी कि कल 12 जून को माननीय न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने नगरपालिका के उस नोटिस को पूरी तरह निरस्त (Set Aside) कर दिया था । व्यापारियों ने आरोप लगाया, “प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद आज सुबह 5 बजे अवैध रूप से हमारी दुकानों को सील कर दिया गया।” दुकानदारों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा आज ही दुकानों से सील हटाकर उन्हें सुचारू रूप से व्यापार करने दिया जाए।