राणापुर, नावेद रज़ा। नगर में गुरुवार एवं शुक्रवार को मोहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख पर मुस्लिम समाज द्वारा परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मोहर्रम की रस्में अदा की गईं।
9 मोहर्रम (गुरुवार) को सभी ताजिये अपने-अपने मुकाम पर रखे गए। शाम के समय ढोल-बाजों के साथ ताजियों का जुलूस गढ़ी चौराहे पहुंचा, जहां परंपरा के अनुसार दर्शन के लिए ताजियों को रखा गया। यहां हिंदू एवं मुस्लिम श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में ताजियों के दर्शन किए तथा बच्चों को ताजियों के सामने तोलकर अपनी मन्नतें पूरी कीं। देर रात तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। इसके बाद परंपरागत मार्गों से ताजियों का जुलूस निकाला गया और समापन के पश्चात सभी ताजिये अपने-अपने मुकाम पर लौट गए।
10 मोहर्रम (शुक्रवार) की शाम पुनः सभी ताजिये ढोल-बाजों के साथ गढ़ी चौराहे पहुंचे। इस दौरान युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन करते हुए अखाड़ा खेला, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। देर रात तक श्रद्धालु ताजियों के दर्शन करते रहे।
रात्रि में निकले भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में समाजजन या हुसैन या हुसैन के नारे लगाते हुए शामिल हुए। यह जुलूस झाबुआ रोड स्थित कर्बला पहुंचा, जहां शनिवार सुबह लगभग 4 बजे परंपरा अनुसार ताजियों को ठंडा किया गया।
इस वर्ष नगर की विभिन्न कमेटियों द्वारा 12 से अधिक आकर्षक ताजियों का निर्माण किया गया। ताजियों पर की गई बारीक एवं कलात्मक कारीगरी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।