जिले में थाना व चौकी प्रभारियों के रोटेशन नीति के तहत बदलाव को लेकर विचार की आवश्यकता
झाबुआ – जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारियों का रोटेशन नीति के तहत समय-समय पर तबादला किए जाने पर विचार किया जाना आवश्यक है । विभिन्न सामाजिक वर्गों और नागरिकों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगते हैं, जबकि नियमित रोटेशन से प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है।
चर्चा चौराहे पर है कि यदि पुलिस अधीक्षक समय-समय पर थाना और चौकी प्रभारियों का जिले के भीतर स्थानांतरण करते रहें, तो पुलिस व्यवस्था अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जनहितैषी बन सकती है। साथ ही किसी एक क्षेत्र में लंबे समय तक पदस्थापना से बनने वाले प्रभाव और पक्षपात की आशंकाओं को भी कम किया जा सकता है ।
हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय पुलिस प्रशासन और शासन की नीतियों के अनुसार लिया जाता है। प्रशासनिक आवश्यकताओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए ही तबादले किए जाते हैं। फिलहाल जिले में रोटेशन नीति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।