स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त नलकूप खनन के दिए निर्देश, कहा— मरीजों को किसी भी स्थिति में असुविधा नहीं होनी चाहिए
थांदला। शासकीय सिविल अस्पताल थांदला में पेयजल संकट की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भास्कर गाचले ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों तथा चिकित्सकीय स्टाफ को पानी की कमी से हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया और मौके पर ही राहत व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
अस्पताल प्रबंधन ने एसडीएम को जानकारी दी कि नगर पालिका की पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण अस्पताल में नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई थी। नगर पालिका द्वारा लाइन सुधार कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, लेकिन मरीजों की सुविधा को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था आवश्यक थी।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम भास्कर गाचले ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से दूरभाष पर चर्चा कर तुरंत पानी के टैंकर अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अस्पताल में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को तत्काल राहत मिली।
एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हो जाती, तब तक टैंकरों के माध्यम से निरंतर पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में पानी जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त नलकूप (बोरवेल) खनन की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को उपचार के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसडीएम की त्वरित पहल और संवेदनशीलता की अस्पताल परिसर में सराहना की गई। अस्पताल प्रशासन ने भी आश्वस्त किया कि नियमित जलापूर्ति बहाल होने तक पानी की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।