थांदला। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भास्कर गाचले ने गुरुवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, थांदला का आकस्मिक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं भोजन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की तथा परिसर में आयोजित चलित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य संबंधी प्रबंधों की जानकारी ली।
विद्यालय परिसर के भ्रमण के दौरान नवोदय विद्यालय प्रबंधन समिति ने विद्यालय से सटे टंचिंग ग्राउंड से उड़कर आने वाली गंदगी, प्लास्टिक एवं कचरे की समस्या से एसडीएम को अवगत कराया। समस्या की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भास्कर गाचले ने मौके से ही नगर परिषद के सीएमओ को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने टंचिंग ग्राउंड पर कचरे का वैज्ञानिक एवं नियमित प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ-साथ विद्यालय की ओर स्थित बाउंड्री वॉल को ऊँचा करने अथवा टिन शीट लगाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि बाहर से आने वाली गंदगी एवं उड़ने वाले कचरे पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने विद्यालय की भोजनशाला का भी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मेन्यू के संबंध में चर्चा की। विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की सराहना की।
इसके पश्चात एसडीएम ने भोजनशाला के पीछे विकसित किचन गार्डन का निरीक्षण किया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यहाँ जैविक (ऑर्गेनिक) तरीके से उगाई जाने वाली ताज़ी सब्जियों का उपयोग विद्यार्थियों के भोजन में किया जाता है। एसडीएम ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं पोषण की दृष्टि से एक अनुकरणीय प्रयास बताया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन शिक्षा संस्थानों की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एसडीएम भास्कर गाचले का यह निरीक्षण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक एवं संवेदनशील प्रशासनिक पहल माना जा रहा है।