थांदला

शिवगंगा के आरोग्य वन सप्ताह के अंतर्गत थांदला में 600 ग्रामीणों ने लिया आरोग्य एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

Published

on

वत्सल आचार्य
झाबुआ। शिवगंगा समग्र ग्राम विकास परिषद, झाबुआ द्वारा संचालित आरोग्य वन सप्ताह के अंतर्गत आज विकासखंड थांदला की कृषि उपज मंडी परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 गांवों से 600 ग्रामीण महिला एवं पुरुष उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

शिवगंगा द्वारा पिछले अनेक वर्षों से “निरोगी झाबुआ – स्वच्छ गांव, स्वस्थ परिवार” अभियान के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को प्रशिक्षण देकर 14 प्रकार के आयुर्वेदिक एवं फलदार पौधों का रोपण कराया जा रहा है। इनमें आम, जामुन, नींबू, नीम, सहजन, गिलोय, अर्जुन, आंवला तथा अन्य स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय पौधे शामिल हैं। इन पौधों के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्राकृतिक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थांदला के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्री भास्कर जी गाचले थे। इस अवसर पर शिवगंगा के कार्यकर्ता राजा राम कटारा, रंगा गवर्ल, किसमल वसुनिया, प्रकाश बारिया एवं जैसिंह गणावा मंचासीन रहे।

सभा को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री भास्कर गाचले ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण असंतुलन विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसका समाधान समाज और शासन के संयुक्त प्रयासों से व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आज की यह पहल भविष्य में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। प्रत्येक परिवार इन पौधों का पालन-पोषण अपने परिवार के सदस्य की तरह करे, तभी वृक्षारोपण का वास्तविक उद्देश्य सफल होगा।

शिवगंगा के श्री राजा राम कटारा ने झाबुआ जिले में संचालित आरोग्य आयाम की अवधारणा एवं उसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आयुर्वेदिक एवं फलदार पौधों के माध्यम से प्रत्येक परिवार को निरोगी, आत्मनिर्भर एवं प्रकृति से जुड़ा बनाया जा सकता है।

श्री रंगा गवर्ल ने 14 प्रकार के पौधों के औषधीय, पोषण एवं आयुर्वेदिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि ये पौधे परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Trending