झाबुआ – प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के कमिश्नर प्रबल सिपाहा ने अग्रणी महाविद्यालय झाबुआ के प्रभारी प्राचार्य और सीएम हेल्पलाइन में एल – 2 अधीकारी डॉ. जेसी सिन्हा को नोटिस जारी किया है। इसका कारण विद्यार्थियों द्वारा दर्ज शिकायतें, पद रिक्त होने पर भी अतिथि विद्वानों को फॉलेन आउट करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का भुगतान नहीं करने आदि के कारण दर्ज सीएम हेल्पलाइन बताई जा रही है। परिणामस्वरूप जून माह में प्रदेश स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग को ‘ डी ‘ ग्रेड मिली है। उक्त ग्रेड के कारण उच्च शिक्षा विभाग की समग्र ग्रेडिंग और विभागीय छवि प्रतिकूल रुप से प्रभावित हुई है। समय पर निराकरण न होना और ‘ डी ‘ ग्रेड मिलना विभाग ने एक गंभीर लापरवाही का द्योतक माना है। नोटिस में ‘ डी ‘ ग्रेड का जवाब 5 दिवस में आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग सतपुड़ा भवन भोपाल के कार्यालय में प्रस्तुत करने का उल्लेख है। स्पष्ट हिदायत है कि यदि संतोषजनक कारण नहीं पाया जाता है तो आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। आगामी लंबित शिकायतों का समय सीमा में निराकरण करना जरूरी है। जिससे आगामी ग्रेडिंग में विभाग की रेंकिंग एवं प्रर्दशन में अपेक्षित सुधार हो। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न होना भी बताया गया है। प्राचार्य अक्सर रहते हैं चर्चा में :- वास्तव में पीजी कॉलेज झाबुआ के प्रभारी प्राचार्य की शिकायत विगत सत्रों में शासकीय अतिथि विद्वान भी अनेकों बार कर चुकें हैं। समय पर मानदेय भुगतान नहीं करना, पद रिक्त होने व वर्कलोड होने पर भी अतिथि विद्वानों को जानबूझकर फॉलेन आउट कर देना, स्थल परिवर्तन से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अलाटमेंट जारी होने के बावजूद ज्वाईन नहीं करवाना, पद रिक्त नहीं पर भी अतिथि विद्वान की च्वाइस फिलिंग में पद खोल देना आदि कारणों से काफी चर्चा में रहे हैं। मजबूरीवश अनेकों अतिथि विद्वानों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। जो वर्तमान सत्र तक पेंडिंग चल रही हैं। एक याचिका में हाईकोर्ट में हलफनामा भी प्रस्तुत किया गया है। शिकायत यह भी है कि प्राचार्य अपने वर्चस्व का फायदा लेकर अतिथि विद्वानों की सीएम हेल्पलाइन अगले स्तर से बगैर सूचना के बंद करवा देते हैं। जिससे समस्या जस की तस रह जाती ह । वहीं झाबुआ सहित प्रदेश के अन्य जिलों के प्राचार्य व अन्य अधिकारियों को भी 31 जुलाई को नोटिस जारी किया गया है।