जनजातीय कार्य विभाग में स्थानांतरण आदेश के बाद कितने कर्मचारियों ने संभाला नया पद…. जांच का विषय….?
कलेक्टर कार्यालय से 32 शासकीय सेवकों के स्थानांतरण के आदेश जारी, दो सप्ताह में कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना था अनिवार्यझाबुआ। कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) जिला झाबुआ कार्यालय द्वारा 16 जून 2026 को जारी आदेश क्रमांक 4673 के तहत जिले के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ 32 शासकीय सेवकों का स्थानांतरण किया गया […]
कलेक्टर कार्यालय से 32 शासकीय सेवकों के स्थानांतरण के आदेश जारी, दो सप्ताह में कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना था अनिवार्य झाबुआ। कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) जिला झाबुआ कार्यालय द्वारा 16 जून 2026 को जारी आदेश क्रमांक 4673 के तहत जिले के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ 32 शासकीय सेवकों का स्थानांतरण किया गया था। आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारियों को दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराया जाना अनिवार्य होगा । आदेश में यह भी कहा गया है कि कार्यमुक्त होने के बाद नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के बीच का अवकाश भी सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति के बाद ही स्वीकार किया जा सकेगा। बिना उचित कारण स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी उल्लेखित है लेकिन इस आदेश का पालन कितने कर्मचारियों ने किया है जांच का विषय है 32 कर्मचारियों में कितनों ने पालन किया, इसका आदेश में उल्लेख नहीं उपलब्ध दस्तावेज में कुल 32 कर्मचारियों के स्थानांतरण का उल्लेख है। इनमें सहायक ग्रेड-3, लेखापाल, स्थाईकर्मी, चौकीदार सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इस स्थानांतरण आदेश में 32 में से कितने कर्मचारियों को पुराने पदस्थापना स्थल से कार्यमुक्त किए जाने और नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण किए जाने हेतु आदेशित किया गया है । आदेश के अनुसार 30 जून तक होना था पालन 16 जून 2026 को जारी आदेश में दो सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। इस लिहाज से स्थानांतरित कर्मचारियों को लगभग 30 जून 2026 तक नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना था। अब आदेश जारी हुए काफी समय बीत चुका है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण सवाल है कि 32 में से कितने कर्मचारी नवीन स्थान पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं और कितने अभी भी पुरानी पदस्थापना पर कार्यरत हैं ? प्रश्न यह है कि जब आदेश का पालन करना और करवाना नहीं है तो आदेश निकाले ही क्यों जाते हैं । चर्चा यह भी है कि आखिर क्यों इस यह कर्मचारी स्थानांतरण आदेश की धज्जियां उड़ रहे हैं …. जांच का विषय बना स्थानांतरण आदेश का पालन यदि किसी कर्मचारी ने निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, तो आदेश की शर्त क्रमांक 10 के अनुसार बिना उचित कारण आदेश का पालन नहीं करने पर सक्षम स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं आदेश की शर्त क्रमांक 6 में कार्यमुक्ति की स्थिति में एकतरफा कार्यमुक्त किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है । अब सवाल यह है कि कलेक्टर कार्यालय के रिकॉर्ड में 32 स्थानांतरित कर्मचारियों में से कितने कार्यमुक्त हुए, कितनों ने नवीन पदस्थापना पर ज्वाइन किया और कितने कर्मचारियों ने आदेश का पालन नहीं किया ? इसकी वास्तविक स्थिति कार्यमुक्ति आदेश, ज्वाइनिंग रिपोर्ट और ई-एचआरएमएस रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है । प्रश्न यह है कि इस स्थानांतरण आदेश का पालन कितने कर्मचारियों ने किया और कितने कर्मचारी आज भी इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं यह जांच का विषय है । देखना यह दिलचस्प होगा कि इस स्थानांतरण आदेश का पालन सिर्फ कागजों तक ही सीमित है और बाकी सब आपसी तालमेल से चल रहा है ।