झाबुआ। मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित पी आय यू झाबुआ स्थित नवीतम कार्यालय भवन में जगह-जगह दीवारों और बीम के आसपास में दरारें (क्रेक्स) दिखाई दे रही हैं। भवन की दीवारों पर कई स्थानों पर दरारों को भरने अथवा मरम्मत करने के निशान भी नजर आ रहे हैं, जिससे भवन की निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं ।
जानकारी अनुसार शहर के किशनपुरी सि्थत पीएचई के अनुविभागीय कार्यालय के आगे की ओर जल निगम का नवीनतम भवन का निर्माण हुआ है और संभवतः इस नवीन भवन में कार्योलय हाल ही में प्रारंभ हुआ है । संभवतः इस भवन का उद्घाटन जनवरी माह में ही हुआ । यदि इस नवीन भवन के अंदर की दीवारों पर देखा जाए तो कई जगह लंबी और चौड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। वहीं भवन की कई दीवारों व बीम के आसपास भी क्रेक्स नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में कुछ स्थानों पर दरारों की मरम्मत के बाद भी दीवार की सतह पर निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं । संभवतः क्रेकसील या अन्य केमिकल से दरारों को भरने या छुपाने का प्रयास किया गया है । जो गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य को दर्शाता है भवन में दिखाई दे रही दरारों को लेकर , गुणवत्ता को लेकर जांच होना चाहिए । मामले की तकनीकी जांच कराया जाना जरूरी है। जिम्मेदार विभाग से जांच की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन में जगह-जगह दिखाई दे रहे क्रेक्स की विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दरारें किन कारणों से आई हैं और पूर्व में यदि इनकी मरम्मत कराई गई थी तो दोबारा दरारें क्यों दिखाई दे रही हैं। अब सवाल यह है कि सरकारी भवन की निर्माण गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? क्या भवन का नियमित तकनीकी निरीक्षण किया गया? यदि निरीक्षण हुआ तो दरारों के बावजूद आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग के अधिकारियों से अपेक्षित है । मांग उठ रही है कि भवन की तकनीकी जांच कराकर उसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए और यदि निर्माण या रखरखाव में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।