झाबुआ, 25 अगस्त। जनपद पंचायत राणापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अंधारवाड में विभिन्न विकास कार्यों एवं शासकीय योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में कई निर्माण कार्य एवं योजनाएं कागजों में पूर्ण दर्शाई गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे या दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज, भुगतान विवरण, मस्टर रोल और कार्यों की भौतिक जांच कराने की मांग की है । आवेदन में प्रमुख रूप से श्मशान घाट निर्माण कार्य, मनरेगा के तहत कराए गए कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, कपिलधारा कुएं, नल-जल योजना तथा आरसीसी सड़क निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप श्मशान घाट निर्माण। : – राशि स्वीकृत एवं व्यय दर्शाया गया, लेकिन स्थल पर निर्माण नहीं। मनरेगा कार्य :- मजदूरों की उपस्थिति, मास्टर रोल और भुगतान की जांच की मांग। प्रधानमंत्री आवास योजना : – हितग्राहियों को भुगतान राशि में अनियमितता के आरोप। कपिलधारा कुएं : – स्वीकृत संख्या, निर्माण और भुगतान की जांच की मांग । नल-जल योजना : – पाइपलाइन व राशि खर्च होने के बावजूद गांव में पानी नहीं पहुंचने का आरोप। आरसीसी सड़क : – भुगतान निकाले जाने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने की शिकायत।
ग्रामीणों के पंचायत पर आरोप हुए बताया कि शमशान घाट निर्माण कार्य में राशि स्वीकृत एवं व्यय होना दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर निर्माण दिखाई नहीं देता। वहीं मनरेगा कार्यों में मजदूरों की उपस्थिति, मस्टर रोल और भुगतान की जांच की मांग की गई है । प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में भी हितग्राहियों को मिली राशि और उनके खातों में किए गए भुगतान की जांच की मांग की गई है। कपिलधारा कुओं के निर्माण एवं लाभार्थियों को हुए भुगतान की भी भौतिक सत्यापन कराने की बात कही गई है । नल-जल योजना को लेकर आवेदन में आरोप है कि योजना पर राशि खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को अब तक नियमित पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। वहीं आरसीसी सड़क निर्माण के लिए राशि निकाले जाने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने का दावा किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इन योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने जनपद पंचायत राणापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन निर्धारित समयावधि के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि सभी संबंधित कार्यों एवं योजनाओं की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि जांच में भ्रष्टाचार या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में भी आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।