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अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरणों में त्वरित राहत भुगतान सुनिश्चित करें : कलेक्टर

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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित

 

धार, 30 सितंबर 2026। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत जिले में दर्ज प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में वर्ष 2026 में दर्ज प्रकरणों तथा सितंबर 2026 में समाप्त हुए त्रैमास के दौरान विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज प्रकरणों की स्थिति, पीड़ितों को देय राहत राशि तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्री मीना ने निर्देश दिए कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने के दौरान पीड़ित से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख अनिवार्य रूप से सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभिलेखों की पूर्णता एवं समय पर अपलोडिंग सुनिश्चित होने से पात्र पीड़ितों को देय राहत राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में पुलिस एवं अभियोजन विभाग को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों में साक्ष्य एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत हों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में किसी प्रकार की कमी न रहे। साथ ही, जिन प्रकरणों में आरोपी बरी हुए हैं, उनकी समीक्षा कर नियमानुसार उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमती पारुल व्यास जैन ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों के संरक्षण, पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने तथा अत्याचार संबंधी प्रकरणों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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