झाबुआ

कुंभकर्णीय नींद में सोती नजर आ रही है झाबुआ पुलिस
अपराधियों को नही है डर झाबुआ पुलिस का

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साहेब एक नजर इधर भी! जनता सब जानती है!!

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मनोज अरोडा की कलम से…….

mob.no.9425101077
झाबुआ। जिले में अपराधों का ग्राम निरंतर बढता ही जा रहा है आये दिन लुटमार, चोरी, हत्या की खबरें सुर्खियों में रहना आम बात सी हो गई है। ऐसे में पुलिस क्या कर रही है ये सवाल तो जरूर बनता है कि आखिर पुलिस अपराधियों के सामने लाचार क्यों है। झाबुआ पुलिस अपराधों के ग्राफ को कम करने की कोषिष कर रही है या नही ये भी एक प्रष्न है क्योंकि झाबुआ की जनता क्या सामने सब कुछ साफ साफ नजर आ रहा है…!
झाबुआ में पुलिस लाचार सी नजर आ रही है यहाँ पुरे जिले में अपराधों का सिलसिला दिन दुना तो रात चै गुना हो रहा है जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है जिले मे अवैध शराब, ड्रग्स, राहजनी, मोटरसाइकिल चोरी, दिनदहाड़े हत्या आम बात हो गई और पुलिस खुद की पीठ थपथपा रही है। अभी ज्यादा दूर की बात नहीं करे पिछले तीन महीने मे जो अपराध हुए है उन में हत्या का ग्राफ बता जा रहा है जो इस प्रकार है-
(1)मृतक मुकेश की हत्या 05/06/2021 को हो गई जिस का अपराध क्रमांक 65/2021 थाना झाबुआ ।
(2) मृतक नर्मदा कहार की हत्या घर में घुस कर एक रिश्तेदार ने की 08/06/2021 जिस का अपराध क्रमांक 352/2021 थाना पेटलावद ।
(3) ट्रिपल मर्डर केस 25/06/2021 को सो रही दंपति और नातिन की हत्या थाना रायपुरिया अपराध क्रमांक 322/2021
(4 ) मृतक कमला बाई की लाश तालाब में मिली 25/07/2021 थाना थान्दला अपराध क्रमांक 448/2021
(5 ) मृतक रामबली पासवन (ठेकेदार ) को मजदूरों ने मिलकर हत्त्या कर दि 06/08 /2021 थाना मेघनगर अपराध क्रमांक 353/20121
(6 ) मृतक केला बाई मावी की अपने बेटे ने हत्या कर दी 13/08 /2021 थाना झाबुआ अपराध क्रमांक 813/2021
(7 ) मृतक जीतेन्द्र गोस्वामी पर लोगों ने रात को हमला कर मार डाला 04/09/2021
(8 ) मृतक छीतु को चरित्र शंका के आधार पर लोगों ने पीट पीट कर मार डाला थाना कल्याणपुरा दिनांक 04/09/2021 अपराध क्रमांक 253/2021
(9 ) मृतक रमेश को उस के गाँव के लोगों ने मिलाने बुलाया और हमला कर मार डाला थाना झाबुआ दिनांक 06/09/2021 अपराध क्रमाँक 891/2021
ये है पीछले तीन माह का रिकार्ड जिससे साफ नजर आ रहा है अपराधियों में पुलिस का खौफ कम हो गया है तभी तो इतनी बडी बडी वारदातों को अंजाम मिल रहा हें लगता है झाबुआ पुलिस खुद की तारीफों में लगी और खुद की पीठ थपथपाती नजर आ रही है। वहीं दुसरी ओर अपराधी अपराध करने से बाज नही आ रहे है। हालांकि इन सभी अपराधों में पुलिस अपराधी तक पहुंच गई मगर फिर भी जनता में तो खौफ है क्योकि अपराधियों में पुलिस का डर होता तो ये घटनाएं घटित ही नही होती। अगर जल्द ही पुलिस अपनी कुभकर्णिय नींद से नही जागी तो अपराधियों के हौसले और बुंदल होते रहेंगे। निरन्तर अगले अंक में…..!

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