*धार 8 मई 2026।* मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, धार द्वारा शुक्रवार को पीथमपुर स्थित मेसर्स कमिन्स टेक्नोलॉजीज इंडिया प्रा. लि., प्लॉट क्रमांक एम-5, इंडस्ट्रियल एरिया पीथमपुर, एसईजेड (फेज-2), जिला धार के परिसर में “जल गंगा संवर्धन अभियान” एवं “प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधित) नियम 2026” विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद एवं राज्य मंत्री (महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार) श्रीमती सावित्री ठाकुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना द्वारा की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हितधारकों को उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन प्रौद्योगिकियों की जानकारी प्रदान करना तथा जल संकट से निपटने हेतु “जल गंगा संवर्धन अभियान” के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के “मिशन लाइफ” के आह्वान को सार्थक बनाने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है तथा इसके समाधान के लिए केवल नियम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उद्योगों एवं नागरिकों से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्णतः त्याग करने की अपील की तथा कहा कि “स्वच्छ भारत” एवं “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं एवं युवाओं को इस अभियान का नेतृत्व करने हेतु प्रेरित किया। सांसद द्वारा अपने दो वर्षीय कार्यकाल में संसदीय क्षेत्र धार, विशेष रूप से पीथमपुर में उद्योगकर्मियों हेतु छात्रावास एवं अस्पताल स्थापित किए जाने तथा इंदौर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने संबंधी जानकारी साझा की गई। साथ ही उन्होंने उद्योगपतियों से सीएसआर (CSR) कोष के माध्यम से शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन में योगदान देने का आग्रह किया। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीणा ने अपने उद्बोधन में औद्योगिक विकास एवं प्रशासनिक समन्वय पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार जिला प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और इसका विकास तभी प्रभावी होगा जब प्रशासन एवं उद्योग एक टीम भावना के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने उद्योगों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन “Ease of Doing Business” हेतु सदैव तत्पर है, किंतु उद्योगों को अपनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा, औद्योगिक सद्भाव एवं स्थानीय युवाओं के कौशल विकास हेतु “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” जैसे प्रयासों में उद्योगों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ श्री राजीव बजेल द्वारा “प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2026” के तकनीकी पहलुओं एवं विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व ईपीआर (Extended Producer Responsibility) के नवीन प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा की गई कि किस प्रकार औद्योगिक इकाइयाँ अपने अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर “Zero Waste” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं। कार्यशाला में बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा तथा आभार प्रदर्शन श्री मनोज रविन्द्रन, उद्योग प्रबंधक, मेसर्स कमिन्स टेक्नोलॉजीज इंडिया प्रा. लि. द्वारा किया गया। कार्यशाला का समापन क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
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