Connect with us

झाबुआ

आखिर क्यों स्वास्थ्य विभाग लबाना अस्पताल पर मेहरबान है….?

Published

on



झाबुआ। लबाना मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पंजीयन संबंधी दस्तावेजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नोटिस का निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रश्न यह भी है कि सोनोग्राफी सेंटर जिस दिन से सील हुआ उस दिन ,,, संबंधित चिकित्सक जो पंजीकृत है अस्पताल में , वो तो धार्मिक यात्रा पर थे तो अस्पताल कोन चला रहा है,,,,,
6 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। बताया गया कि 12 अगस्त तक अस्पताल की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद अस्पताल को सील करने के बजाय दोबारा नोटिस जारी कर दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच के दौरान पंजीयन से संबंधित दस्तावेजों में कमियां पाई गई थीं और निर्धारित समय में नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया, तो कार्रवाई में देरी क्यों? क्या ऐसे मामलों में विभाग सभी अस्पतालों के लिए समान मापदंड अपनाता है?
मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि शहर के बस स्टैंड एवं कलेक्टर कार्यालय के पीछे संचालित निजी अस्पताल की जांच के दौरान कई बिंदुओं पर सवाल सामने आए थे। इसके बावजूद अब तक कठोर कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्वास्थ्य विभाग आखिर किस आधार पर अस्पताल को बार-बार समय दे रहा है । आखिर क्यों स्वास्थ्य विभाग और जांच दल नियमानुसार कारवाई नहीं कर रहा है ।‌ प्रश्न यह भी है कि इस निजी अस्पताल के लिए कारवाई के बजाय समय क्यों दिया जा रहा है
दूसरे मामले में तत्काल कार्रवाई, यहां इंतजार क्यों?
इसी जिले में हाल ही में एक निजी क्लीनिक के पंजीयन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई चर्चा में रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक मामले में तत्काल कार्रवाई और दूसरे मामले में बार-बार अवसर देने की नीति क्यों?
क्या विभाग केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहेगा या नियमों का पालन नहीं करने पर निर्धारित प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई भी करेगा? स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधता सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
कलेक्टर से कार्रवाई की उम्मीद
मामले में अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर है। यदि अस्पताल की जांच में गंभीर कमियां सामने आई हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए और यदि दस्तावेज पूर्ण हैं तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सवाल यही है—क्या स्वास्थ्य विभाग सभी निजी अस्पतालों के लिए समान नियम लागू करेगा, या लबाना अस्पताल को मिल रही बार-बार की मोहलत यूं ही जारी रहेगी…..?

इस मामले को लेकर दिखवाता हूं ।

एम एल चौपडा , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,  झाबुआ

देश दुनिया की ताजा खबरे सबसे पहले पाने के लिए लाइक करे प्रादेशिक जन समाचार फेसबुक पेज

प्रादेशिक जन समाचार स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा मंच है यहाँ विभिन्न टीवी चैनेलो और समाचार पत्रों में कार्यरत पत्रकार अपनी प्रमुख खबरे प्रकाशन हेतु प्रेषित करते है।

Advertisement

Subscribe Youtube

Advertisement
झाबुआ18 hours ago

आखिर क्यों – जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित तालाब की गुणवत्ता को लेकर की जा रही शिकायत को बार-बार सीएम हेल्पलाइन पर बंद किया जा रहा है

झाबुआ2 days ago

11 दिवसीय गणेश उत्सव रस्सा खेंच,मोमबत्ती, मटकी फोड़, 1 मिनट, फैंसी ड्रेस, चेयर रेस प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को किया गया पुरस्कृत

झाबुआ2 days ago

संकल्प ग्रुप की गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला के बाद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को किया पुरस्कृत

मेघनगर3 weeks ago

जन्मदिन पर बच्चों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान
पीपलखुटा में रोटरी बाल मुस्कान झूला प्रकल्प के सातवें झूले का शुभारंभ

झाबुआ3 weeks ago

” भक्ति में कृष्ण, सम्मान में गुरु – अंकुरम में दिखा अनोखा संगम!”

सेंसेक्स

Trending

कॉपीराइट © 2025. प्रादेशिक जन समाचार

error: Content is protected !!