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झाबुआ

स्टे के उल्लघंन में न्यायालय ने सुनाई जेल की सजा

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झाबुआ —- झाबुआ  के किशनपुरी में दो पक्षों में जमीन विवाद को लेकर हुए विवाद में आवेदक द्वारा न्यायालय की शरण में जाने पर , कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे के उल्लंघन में , न्यायालय ने विपक्षी को सुनाई एक माह जेल की सजा ।

जानकारी अनुसार आवेदक विनोद मेडा के द्वारा किशनपुरी क्षेत्र में स्थित सर्वे नंबर 178 / 21 में 30 बाई 58 फीट लंबाई व चौड़ाई के भूखंड में मकान निर्माण कार्य किया जा रहा था जिसको लेकर पास में ही रहने वाले अमर सिंह पिता नानजी राणा द्वारा बार-बार विनोद को निर्माण कार्य के दौरान परेशान किया जा रहा था । विनोद द्वारा कई बार अमर सिंह से निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न न करने हेतु निवेदन भी किया , लेकिन अमर सिंह मनमानी करने पर उतारू था । वही सरकारी जमीन पर अमर सिंह राणा द्वारा जेसीबी से गड्ढे खोदकर , तार फेंसिंग कर , आवेदक को निर्माण कार्य में अवरोध पहुंचाया जा रहा था साथ ही साथ जब विनोद ने इस बात का विरोध किया , तब अमरसिंह ने अपशब्दों का प्रयोग किया व विनोद को रोजाना परेशान करना प्रारंभ कर दिया । विवाद न्यायालय तक पहुंचा । न्यायालय ने आवेदक विनोद के पक्ष में प्रतिवादी अमर सिंह पिता नानजी एवं अन्य 12 लोगों के विरुद्ध न्यायालय ने स्थगन दिया गया था उसके बावजूद अमरसिंह पिता नानजी एवं अन्य के द्वारा विनोद को निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही थी  । न्यायालय के आदेश को धता बता रहा था जिसकी रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में प्रस्तुत की गई । जिस पर विनोद के द्वारा आदेश 39 नियम 2 के तहत अस्थाई निषेधाज्ञा के उल्लंघन का केस प्रस्तुत किया गया । जिसमें प्रकरण एमजेसी नंबर 01/ 2023 में आदेश पारित करते हुए , न्यायाधीश बलराम मीणा के द्वारा 8 जुलाई को आदेश पारित करते हुए अमर सिंह पिता नानजी राणा निवासी किशनपुरी झाबुआ को एक माह का सिविल कारावास की सजा सुनाई गई ।  इस प्रकरण में आवेदक विनोद मेडा की ओर‌ से‌ पैरवी वकील यूनूस लोधी ने की थी ।

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