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झाबुआ

अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी सप्ताह : मातृभाषा का महोत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न

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झाबुआ —- हिंदी भारत के स्वाभिमान की ध्वजा है, यह हमारी संस्कृति की आत्मा और राष्ट्र की पहचान है। अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी दिवस को अविस्मरणीय बनाने हेतु हिंदी दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन 10 सितंबर से आरंभ किया गया l

इस अवसर पर कक्षा पहली से नवीं के विद्यार्थियों ने तात्कालिक भाषण, कविता-पाठ, कहानी – लेखन, स्लोगन लेखन, हिंदी सुलेख, लोकगीत गायन, निबंध लेखन प्रतियोगिता तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी प्रस्तुति न केवल भाषा की मधुरता को प्रकट करती है, बल्कि मातृभाषा के प्रति गहन अनुराग को भी अभिव्यक्त करती है।
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में भाषा-प्रेम की अलख जगाते हैं और उनके भाषाई कौशल को निखारकर साहित्य-संवेदनशीलता का संचार करते हैं।

10 सितंबर को कक्षा पाँचवीं से नवीं तक के छात्रों के लिए तात्कालिक भाषण का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विषयों जैसे मेरा देश, मेरा परिवार, मेरा विद्यालय जैसे अनेक रोचक विषयों पर अपने विचारों को प्रकट किया।

11 सितंबर को कक्षा पहली से नवीं तक के छात्रों के लिए हिंदी सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

दिनांक 12 सितंबर को कक्षा पहली और दूसरी के नन्हे- मुन्ने छात्रों के लिए कविता- पाठ का आयोजन किया गया जिसमें सब ने हावभाव के साथ एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। कविता पाठ में प्रथम स्थान पर (कक्षा पहली से) मारिया बगीचा और काशीफ़ा सैयद, द्वितीय स्थान पर चेतना परमार, इश्वी पोरवाल, श्लोक माली, तृतीय स्थान पर विदित उकयेऔर वंशिका अखेड़े रहे।

(कक्षा दूसरी से) प्रथम स्थान पर अवनी नायक, नविका जोशी, मिशिका अग्रवाल,द्वितीय स्थान पर लहर भगत, रचित गोयल ,कनक भिंडे तृतीय स्थान पर यतिका राठौर, शिवम तोमर और संवित राठौर रहे।

दिनांक 13 सितंबर को नारा (स्लोगन) लेखन प्रतियोगिता, कहानी प्रतियोगिता , वीर रस से ओत- प्रोत कविता- पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
लोकगीत गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर विवान जामोद (आदिवासी गीत) द्वितीय स्थान पर अथर्व शर्मा (हिमाचली गीत) और प्रिशी कटलाना (संजा गीत) तृतीय स्थान पर रुद्रांशी ठाकुर (राजस्थानी गीत) और केशवी राठौर, कृषिका राठौर (राजस्थानी गीत) रहे। निबंध प्रतियोगिता 15 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

हिंदी को अपनाएं, इसे विश्व पटल पर चमकाएं।

हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इसके महत्व को समझाना है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था और तभी से इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।हिंदी हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल एक भाषा है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का माध्यम भी है। हिंदी दिवस का उद्देश्य न केवल हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ाना है, बल्कि नई पीढ़ी को इसे सिखाने और इसका सही इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना भी है। हिंदी दिवस हमें याद दिलाता है कि अपनी भाषा की उन्नति के बिना हम अपने सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास को पूर्ण नहीं कर सकते। इसे मनाकर हम हिंदी को और सशक्त बनाने का संकल्प लेते हैं, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गर्व का विषय बनी रहे। विद्यालय में आयोजित सभी कार्यक्रमों में सभी शिक्षकों ने अपना योगदान दिया। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. लोकेश दवे, डॉ. चारुलता दवे, प्राचार्य डॉ. रितेश लिमिये ने सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की व विजेता छात्रों को बधाइयाँ देकर उनके उज्जवल भविष्य कि कामना की।
हिंदी को बढ़ाएं, राष्ट्र को मजबूत बनाएं।

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