झाबुआ – पीएचई विभाग द्वारा हैंडपंप संधारण को लेकर आमंत्रित की गई निविदा में EPF रजिस्ट्रेशन और अनुभव सर्टिफिकेट का उल्लेख ना होना ,इस बात को दर्शाता है विभाग द्वारा तकनीकी रूप से कमजोर निविदा निकाली गई और शर्तों का उल्लेख ना होना, कही किसी फर्म विशेष को लाभान्वित करने का प्रयास तो नहीं….. संपूर्ण निविदा प्रक्रिया जांच का विषय है । पीएचई विभाग झाबुआ द्वारा जिले के 6 ब्लाकों में 28 जुलाई को हैंडपंप संधारण कार्य हेतु आनलाइन निविदा आमंत्रित की गई थी । जिसकी निविदा सबमिट तिथि 8 अगस्त थी । जिसमें विभाग द्वारा ठेका पद्धति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंप को दुरुस्त किया जाना होता है । इस प्रक्रिया में सामग्री विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है ठेकेदार को हैंडपंप मैकेनिक के माध्यम से खराब हैंडपंप को समय सीमा में दुरुस्त करना होता है । करीब दो माह पूर्व पीएचई विभाग द्वारा समस्त 6 ब्लाकों में हैंडपंप संधारण की निविदा आमंत्रण, की निविदा की शर्तों पर गौर किया गया , तो पता चला कि विभाग द्वारा तकनीकी रूप से एक कमजोर निविदा आमंत्रित की गई थी चूंकि इस तरह के हैंडपंप संधारण कार्य में पूर्ण रूप से लेबर कार्य से संबंधित है तथा कुशल व अकुशल श्रमिक के द्वारा खराब हैंडपंप को दुरुस्त किया जाता है तो विभाग द्वारा इसमें विशेष तौर से EPF रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से मांगा जाना था । शासन प्रशासन द्वारा EPF रजिस्ट्रेशन और बीमा के लिए शहरी क्षेत्रों में दुकानदारों को भी जागरूक किया जा रहा है। लेकिन शासकीय विभाग ही इसे नजर अंदाज़ कर रहा हैं । वही इस हैंडपंप संधारण कार्य में कुशल मेकेनीको द्वारा ही इसे दुरुस्त किया जाता है तो इस तरह की निविदा में अनुभव सर्टिफिकेट भी आवश्यक रूप से शर्तो में सम्मिलित किया जाना था । और विशेष रूप से विगत तीन वर्षों में ही इस प्रकार का अनुभव सर्टिफिकेट मांगा जाना था । लेकिन पीएचई के वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निविदा आमंत्रण में इन बातों को नजरंदाज करके आमंत्रित की गई थी । वही इन आवश्यक शर्तो को नजरंदाज करके आनलाईन निविदा किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आमंत्रित की गई है वह जांच का विषय है । कही तकनीकी रूप से कमजोर निविदा, किसी फर्म विशेष के लिए, शर्तों को हटाया तो नहीं गया या नजर अंदाज तो नहीं किया गया । खैर निविदा आमंत्रण तो हो गई है लेकिन इंदौर कार्यालय से स्वीकृत नहीं हुई है । वही रामा ब्लॉक की निविदा को किसी कारणवश केंसल कर पुनः निविदा आमंत्रित की गई थी जिसकी अंतिम तिथि 29 सितंबर थी । विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग का कोई रिटायर्ड कर्मचारी अब पीएचई विभाग में ठेकेदार बन गया है। खैर कारण जो भी हो, लेकिन निविदा में आवश्यक शर्तो का उल्लेख ना होना कही न कही विभाग की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिन्ह है क्या शासन प्रशासन इस ओर ध्यान देगा और पीएचई विभाग की इस कमजोर निविदा को लेकर कोई दिशा निर्देश पुनः जारी करेगा या कर्मचारी ही ठेकेदार बनते रहेंगे ।
आने वाली खबरों में बतायेंगे विशेष शर्त या नियम को लेकर जानकारी भी दी जायेगी ।
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