झाबुआ – 26 नवंबर बुधवार की रात्री को तेज रफतार कार द्वारा स्कूटी को जबरजस्त टक्कर मारने से घटना मे हई रुद्र मेडा और जिला हास्पिटल झाबुआ मे इलाज के दोरान हई नयन उर्फ यश परमार की मृत्यु एवं घटना की जांच सीबीआई से करवाने को लेकर परिवारजन ने एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की । वही परिवार जन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपियों को बचाने की बात कही ।
आवेदन मे शंकरलाल परमार और दीपमेडा मेडा निवासीगण झाबुआ परिवारजन के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन एसपी के नाम एसडीओपी को दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की । करीब 80-100 महिला व पुरुष एसपी कार्यालय पहुंचकर काफी देर नारेबाजी की और शीघ्र आरोपियों को पकड़ने की बात कही । मृत युवा नयन परमार की माता व बहनों ने पुलिस कोतवाली झाबुआ द्वारा आरोपीयों को बचाने की बात भी एसडीओपी से कहीं ।
आवेदकगण ने आवेदन में बताया कि रूद्र मेडा और यश परमार 26 नवंबर को ग्राम मिण्डल मे कलाल धर्मशाला के मेन गेट के सामने बुधवार रात्री को करीबन 10.30 से 11.00 बजे के मध्य एक मारूती सुजुकी की ब्रेजा जिसका रजिस्टेशन कमांक MPO9WC-6428 मालीक” “एवं” चालक” द्वारा” अत्यत तेज रफतार से एवं घोर लापरवाही द्वारा चलाकर खतरनाक तरिके से स्कुटी को और उस पर बेठे युवक रूद्र मेडा एवं नयन उर्फ यश परमार को जोरदार टक्कर सामने से मारने से मोके पर रूद्र मेडा की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई और नयन परमार को अत्यंत गंभीर एवं सांघातीक चोटील अवस्था मे घटना स्थल से थोडी दुर खाली पडे एवं खडे हुए टाले जिसका रजिस्ट्रेशन कमांक MP09HH8869 के अंन्दर टाले के पीछे गेट से चिपका हुआ पाया गया, जिसकी सांस चल रही थी एवं ट्रॉले से खुन लगा हुआ पाया गया ।
वही मृतक नयन परमार के पिता शंकरलाल परमार ने बताया कि जब एक्सीडेंट हुआ तो एक बच्चा रोड पर और दूसरा बच्चा ट्राले के अंदर मिला । घटना स्थल के सीसीटीवी केमरे से घटना की रिकार्डीग नही मिली और पुलिस प्रशासन द्वारा लगाये गये केमरे भी मोके पर बन्द पाये गये, संभवतः कोई षड्यंत्र आरोपियों को बचाने की ओर इशारा करता है । श्री परमार ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस के कैमरे बंद क्यों रहे …? कही आरोपीयों द्वारा पुलिस को कुछ राशि देकर इनका मुंह बंद तो नहीं किया गया है
वही रूद्र मेडा के पिता दीप मेडा ने बताया कि जब मैं थाने पर रिपोर्ट लिखाने के लिए गया तो सभी आरोपी वही पर थे और बातचीत कर रहे थे कि बच्चों के हाथ पैर टूट गए होंगे । तो पुलिस ने कहा मुआवजा दिलवा देंगे । और फिर पुलिस ने मुझे रिपोर्ट लिखाने की बात कही । और उसके बाद पुलिस ने सभी आरोपीयो को भगा दिया ।
वही एसडीओपी रुपरेखा यादव ने परिवार जन को समझाते हुए कहा सीसीटीवी फुटेज हेतु डीवीआर जब्त कर ली गई है चूंकि डीवीआर में संभवतः 24 घंटे की रिकार्डिंग है अब डीवीआर को बाहर भेजकर घटना स्थल के समय की रिकाडीग को जानने का प्रयास किया जावेगा । फिलहाल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
देखना यह होगा कि क्या घटना में मृत मासूम बच्चे को लेकर निष्पक्ष जांच की जावेगी या फिर परिवार जन के आरोप सही साबित होंगे ।
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