झाबुआ। आरोग्य भारती मालवा प्रांत द्वारा रविवार को झाबुआ में एक दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रथम सत्र प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं का सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे स्थानीय अंबा रिसोर्ट पर प्रारंभ हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया , महा मंडलेश्वर पूज्य संत सुरेशानंद जी सरस्वती, भोला नाथ जी, डॉ. विष्णु सेन कच्छावा, वैद्य लोकेश जोशी व डा वैभव सुराणा उपस्थित थे । सर्वप्रथम मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई । डा निमिता कोठारी द्वारा धनवंतरी स्तवन का पाठ किया गया । मुख्य अतिथियों के स्वागत एवं परिचय के पश्चात स्वागत भाषण मालवा प्रांत के प्रांत सचिव डॉ. वैभव सुराणा द्वारा दिया गया । आरोग्य भारती के उद्देश्य एवं गतिविधियों की जानकारी वैद्य लोकेश जोशी ने प्रस्तुत की ।
सम्मान समारोह…….कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, चिकित्सा सेवा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं का सम्मान किया गया। इनमें चिकित्सा सेवा के लिए डॉ. बसंत सिंह खतेडिया, डॉ. उमेश जोशी, डॉ. महेंद्र कुमार पोद्दार , निजी चिकित्सक संगठन , गुड मार्निंग क्लब पुरुष वर्ग से महेन्द्र शर्मा व महिला वर्ग से प्रफुल्ल शर्मा , पर्यावरण एवं स्वस्थ जीवन शैली के लिए हाथीपावा समूह , योग व स्वस्थ जीवन शैली के लिए महेन्द्र खतेडिया व श्रीमती रेखा खतेडिया तथा राष्ट्रीय सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवन शैली के लिए सोल्जर फिजिकल एकेडमी के उदय बिलवाल का सम्मान किया गया । मुख्य अतिथि निर्मला भूरिया व महामंडलेश्वर संत सुरेशानंद सरस्वती द्वारा सभी को शाल ओढ़ाकर व भगवान धन्वंतरि का मोमेंटो प्रदान किया गया व उज्जवल भविष्य की कामना की गई । केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया । मंत्री निर्मला भूरिया ने यह भी कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, संतुलित आहार और योग को अपनाए । निर्मला भूरिया ने पर्यावरण संरक्षण को मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा जल संरक्षण की दिशा में जागरूक रहने का आह्वान किया ।
महामंडलेश्वर संत सुरेशानंद सरस्वती जी ने उद्बोधन में स्थानीय जड़ी-बूटियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे आसपास उपलब्ध पारंपरिक वनौषधियां अनेक रोगों के उपचार में अत्यंत कारगर सिद्ध हो सकती हैं, आवश्यकता केवल उनके सही ज्ञान और उपयोग की है। उन्होंने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में प्राचीन काल से ही जड़ी-बूटियों के माध्यम से उपचार की समृद्ध परंपरा रही है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करने की जरूरत है। महामंडलेश्वर ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुभव और ज्ञान के साथ इन वनौषधियों का उपयोग किया जाए, तो यह सस्ती और प्रभावी चिकित्सा का माध्यम बन सकता है । हमें दुर्लभ वनस्पति को ढूंढना है जो विलोपित हो गई है । यह भी कहना है कि मूल आयुर्वेद घर में या क्षेत्र में ही है हमारे आसपास जडी बुटिया है उनके सही उपयोग को लेकर जानकारी उपलब्ध हो तो उपचार संभव है । उन्होंने आरोग्य भारती जैसे संगठनों से आह्वान किया कि वे स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर जड़ी-बूटियों के उपयोग को बढ़ावा दें, ताकि आमजन को प्राकृतिक और सुलभ उपचार उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने युवाओं से भी इस पारंपरिक ज्ञान को सीखने और आगे बढ़ाने की अपील । संत ने युवाओं से व्यस्त मुक्ति को लेकर भी आव्हान किया है । कार्यक्रम के अंत में मालवा प्रांत के सहसचिव आशीष जोशी ने सभी का आभार व्यक्त किया । आयोजन में बड़ी संख्या में चिकित्सा क्षेत्र से डा चारूलता दवे , डा शिवानी खतेडिया , डा दिव्या मेरावत , डा जया पटेल , डा अरविंद दातला, डा लोकेश दवे , डा विजय मेरावत , डा भायल , महिला शक्ति से लेखा बैरागी , अलका दातला, स्वाति सुराणा व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित थे । कार्यक्रम संचालन में प्रांत अभ्यास वर्ग आयोजन समिति के सभी सदस्य और आरोग्य भारत झाबुआ शाखा के सभी सदस्य का सराहनी योगदान रहा ।
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