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एमपी पीएससी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 हेतु त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू*

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*परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य*

*धार 23 अप्रैल 2026।* मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आगामी 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
      यह परीक्षा प्रदेश के सभी 54 संभाग और जिला मुख्यालयों के निर्धारित 365 परीक्षा केंद्रों पर दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। धार जिले में कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें कुल 4 हजार 340 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। प्रथम सत्र प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय सत्र दोपहर 02:15 बजे से शाम 04:15 बजे तक ओ.एम.आर. पद्धति से संपन्न होगा।
          परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन हेतु आयोग ने इस बार नई नियमावली और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जिसकी जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों को प्रसारित कर दी गई है। सुरक्षा के कड़े मानकों के तहत परीक्षा केंद्रों पर ‘त्रि-स्तरीय जांच प्रक्रिया’ अनिवार्य की गई है। इसके अंतर्गत परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के माध्यम से गहन तलाशी ली जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य होगा ताकि समय पर जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके।
           फ्रिस्किंग की प्रक्रिया को गरिमापूर्ण बनाने के लिए पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष वीक्षकों द्वारा और महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला वीक्षकों द्वारा बंद केबिन में की जाएगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को यह विशेष विकल्प दिया गया है कि वे अपनी सुविधा अनुसार महिला या पुरुष कर्मचारी से अपनी जांच करवा सकते हैं।
       परीक्षा कक्ष के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों को केवल सीमित वस्तुओं के साथ प्रवेश की अनुमति दी गई है। परीक्षार्थी अपने साथ केवल काला या नीला बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। अन्य सभी प्रकार की वस्तुएं, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल और स्मार्ट वॉच पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
      राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के लिए परीक्षार्थियों हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश और वर्जित वस्तुओं की विस्तृत सूची जारी की गई है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग को रोकने हेतु परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा; परीक्षार्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चेहरे को ढककर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों की तलाशी पूर्ण गरिमा के साथ ली जाएगी, जिसमें महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला अधिकारियों द्वारा की जाएगी और उनके दुपट्टे या चुन्नियों की सूक्ष्म जांच के बाद उन्हें तुरंत वापस लौटा दिया जाएगा। 
        आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष में केवल चुनिंदा वस्तुएं ही अनुमत होंगी, जिनमें ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, गोले बनाने हेतु निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटोग्राफ (यदि आवश्यक हो), पानी की पारदर्शी बोतल और दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक सामग्री शामिल है। इनके अलावा अन्य सभी सामग्रियां जैसे स्टेशनरी (पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल), बैग, और किसी भी प्रकार की पठन सामग्री प्रतिबंधित रहेगी।
        सभी प्रकार के आई.टी. गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, हैंडफ्री, डिजिटल, स्मार्ट या एनालॉग घड़ियाँ और संचार उपकरण के रूप में उपयोग होने वाली कोई भी वस्तु ले जाना वर्जित है। 
सहायक वस्तुओं (एसेसरीज) के संबंध में भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। बालों में लगाए जाने वाले क्लचर या बक्कल, हाथ के मैटेलिक या चमड़े के बैंड, कमर के बेल्ट, कफलिंक, धूप के चश्मे, पर्स, वॉलेट, टोपी, चाबी, लाइटर और माचिस बॉक्स जैसी वस्तुएं परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाना निषिद्ध है।
          धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि हिजाब, पगड़ी, पल्ला, हाथ में बंधे धागे (कलावा), ताबीज या अन्य धार्मिक प्रतीकों और महिलाओं के आभूषणों को उतरवाया नहीं जाएगा, परंतु उनकी सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में इन धार्मिक या सामाजिक प्रतीकों को काटने-फाड़ने या बलपूर्वक हटाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर कोई भी कीमती सामान या अस्त्र-शस्त्र लेकर न आएं। 
      आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले अभ्यर्थियों को पुनः इसी त्रि-स्तरीय जांच से गुजरना होगा। इस संबंध में विस्तृत सूचना और वर्जित वस्तुओं की सूची प्रत्येक परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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