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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय: निर्माण कार्य में गति लाने के निर्देश, छात्राओं के साथ किया सीधा संवाद

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विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना, शैक्षणिक व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए निर्देश

धार 4 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने जिले की विभिन्न शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्था का निरीक्षण किया । इस दौरान संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

कलेक्टर ने सर्वप्रथम सरदारपुर तहसील के ग्राम बड़वेली में निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का सघन निरीक्षण किया। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बताया कि यह विद्यालय 480 विद्यार्थियों की क्षमता का होगा, जहाँ उन्हें आधुनिक हॉस्टल, भोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों के लिए आवास जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। वर्तमान में 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें मुख्य रूप से फिनिशिंग, दरवाजे और नल फिटिंग का कार्य शेष है। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को अगले दो महीनों के भीतर कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया कि जब तक नया भवन पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक बच्चों की कक्षाएं ईएमआरएस बड़वेली स्कूल में ही संचालित की जाएंगी।

निरीक्षण के दौरान, एक बालिका द्वारा कलेक्टर से परिचय पूछे जाने पर उन्होंने अत्यंत आत्मीयता से संवाद किया। छात्राओं ने अपनी महत्वाकांक्षाओं को साझा करते हुए देश से बाहर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। कलेक्टर ने विभिन्न उदाहरण देते हुए उन्हें प्रेरित किया और कहा कि, “किसी भी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति का पहला कदम छोटे स्तर से ही शुरू होता है।” उन्होंने छात्राओं को विश्वास दिलाया कि यदि वे उच्च संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ेंगी, तो निश्चित रूप से अपने सपनों को पूरा करने में सफल होंगी।

स्वास्थ्य केंद्र और कन्या शिक्षा परिसर का औचक निरीक्षण: अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के उपरांत कलेक्टर श्री राजीव रंजन ने आईटीआई कौशल कॉलेज, सरदारपुर का भ्रमण कर विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने ड्राइंग एवं फिटिंग कार्यशाला, वेल्डिंग कार्यशाला, एडवांस CNC एवं फैब्रिकेशन लैब, 3D प्रिंटिंग एवं AutoCAD लैब, इलेक्ट्रॉनिक्स कक्षा तथा छात्र परिसर एवं अन्य प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न ट्रेडों के विद्यार्थियों से उनकी तकनीकी शिक्षा, प्रायोगिक प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं रोजगार की तैयारियों के संबंध में चर्चा की। कलेक्टर ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण व्यवस्था एवं शिक्षकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता तथा निरंतर कौशल विकास के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद उन्होंने सरदारपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहां उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ की उपलब्धता की सघन जांच की। कलेक्टर ने ओपीडी काउंटर, पैथोलॉजी लैब, एनआरसी (NRC) और विभिन्न वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया और अस्पताल में साफ-सफाई व दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तत्पश्चात, कलेक्टर ने शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, सरदारपुर का निरीक्षण किया। संस्था की प्राचार्य ने अवगत कराया कि यहाँ 245 बालिकाएं अध्ययनरत हैं, जो वर्तमान में आश्रम शाला की बिल्डिंग में रह रही हैं। कलेक्टर ने दसवीं कक्षा की बालिकाओं से चर्चा कर जाना कि वे छठी कक्षा से ही इस परिसर में शिक्षा ले रही हैं। प्राचार्य ने बताया कि पिछले वर्ष दसवीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, जिस पर कलेक्टर ने सराहना व्यक्त की ।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कुछ कक्षाएं एक साथ संचालित की जा रही थीं, जिस पर उन्होंने कक्षाओं को अलग-अलग संचालित करने के निर्देश दिए। सुरक्षा के दृष्टिगत कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों और मुख्य द्वार पर गार्ड की तैनाती की जानकारी ली गई। वहीं, संस्था द्वारा गैस कनेक्शन में आ रही समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारी को समस्या का निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए।

इसी क्रम में, कलेक्टर ने एकलव्य आवासीय परिसर, गरडावद का भी निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके करियर संबंधी लक्ष्यों को जाना और उन्हें भविष्य के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया।

 

तीन दिवसीय उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस प्रशिक्षण संपन्न हुआ

धार, 04 जुलाई 2026। डाइट धार में “उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस” कार्यक्रम (आयुष्यमान भारत कार्यक्रम अन्तर्गत) दिनांक 01 से 03 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण में उमंग मार्गदर्शिका कक्षा 9 से 12 में दिए गए। सत्रों को डेमो क्लास के रूप में प्रस्तुतीकरण करके संचालित करना बताया गया ।डाइट प्राचार्य श्री मनोज शुक्ला, उमंग के जिला नोडल डॉ निगम, अंजली अग्रवाल, ज्योति के मार्गदर्शन में राज्य स्तर से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा यह प्रशिक्षण धार जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों के 90 शिक्षक शिक्षिकाओं को दिया गया । उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत किशोर अवस्था के विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए 10 मुख्य जीवन कौशलों को मार्गदर्शिका में शामिल किया गया है। ये कौशल विद्यार्थियों को दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने और स्वस्थ व्यवहार अपनाने में मदद करते हैं।

इन 10 जीवन कौशलों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जैसे सामाजिक कौशल जिसमें स्व-जागरूकता, अंतर्वैयक्तिक संबंध, संवाद कौशल, समानुभूति, विश्लेषणात्मक कौशल जिसमें समालोचनात्मक चिन्तन, रचनात्मक चिंतन, निर्णय लेना, समस्या समाधान तथा भावनात्मक कौशल जिसमें भावनाओं का प्रबंधन और तनाव का सामनाइन 10 कौशलों पर केंद्रित मार्गदर्शिका में दी गई गतिविधियों, रोल प्ले, परिस्थित कार्ड, चर्चा, विश्लेषण ,समेकन और हमारे प्रयास इत्यादि बिंदुओं को विस्तार से समझाया गया । ये 10 जीवन कौशल विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने का काम करते हैं। साथ ही किशोर अवस्था की समस्याओं का समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। मार्गदर्शिका के सभी सत्र अनुभवात्मक सीख- चक्र पर आधारित हैं इसमें प्रतिभागी स्वयं के अनुभव से सीखते हैं। प्रशिक्षक की भूमिका केवल एक मार्गदर्शक की होती है।

प्रशिक्षण के तीसरे व अंतिम दिवस पर PPT के माध्यम से किशोर और किशोरियों की स्वास्थ संबंधी तथा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को प्रश्नोत्तरी के माध्यम से समझाया गया साथ ही शपथ दिलाई गई। जिला अस्पताल से डॉ०बरफा ने उमंग स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी देते हुए मानसिक स्वास्थ्य हेतु टोल फ्री नम्बर 14416 तथा “मनहित” एप्लीकेशन की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के समापन सत्र को डाइट प्राचार्य श्री मनोज शुक्ला जी ने संबोधित करते हुए इसका महत्त्व बताया और स्कूलों में व्यवस्थित रूप से बच्चों तक सभी जानकारी पहुँचाने पर जोर दिया।

समापन सत्र में प्रशिक्षार्थियों में अभय वर्मा, विजय शर्मा और प्रशिक्षकों में यादव, शर्मा आदि ने विचार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण को बहुत रोचक, उपयोगी और सफल बताया । अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र वितरित किए गए । उक्त आवासीय प्रशिक्षण में सम्मिलित शिक्षकों के लिए उत्तम व्यवस्थाए की गई थी।

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