थांदला (वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) यहां आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी, रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी आदि ठाणा 8 एवं साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा 4 के सानिध्य में तपस्याओें का क्रम निरंतर जारी है। श्रीसंघ का हर एक सदस्य अपनी शक्ति अनुसार तप आराधना में भाग लेकर अपने कर्म की निर्जरा करते हुए संघ को गौरवान्वित कर रहा है। यहां तपस्वी डॉक्टर गोल्डी प्रदीप शाहजी ने 30 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की। वर्षावास का यह 16 वां मासक्षमण पूर्ण हुआ।
अनुमोदनीय व अनुकरणीय है तप
जब किसी परिवार में उग्र तपस्या हो तो उस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है और जब परिवार में कम उम्र में मासक्षमण जैसी उग्र तपस्या हो तो खुशी दुगुनी हो जाती है। शाहजी परिवार की गोल्डी शाहजी ने कठोर तपस्या पूर्ण की है जो अनुमोदनीय होकर सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
संयमी आत्माओं ने की तपस्वी की अनुमोदना शोभायात्रा यात्रा निकली
तपस्वी गोल्डी शाहजी की निवास स्थान से शोभायात्रा निकली है। यात्रा में शामिल श्रावक-श्राविकाएं श्रमण भगवान महावीर स्वामीजी, आचार्य श्री उमेशमुनिजी, प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी, तत्वज्ञ श्री धर्मेन्द्रमुनिजी व तपस्वी की जयकार करते हुए चल रहे थे। तपस्वी का नयापुरा स्थित जैन मंदिर पर श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्री संघ की ओर से बहुमान किया गया। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गो से होती हुई पौषध भवन पर पहुंच कर बहुमान समारोह में परिवर्तित हो गई। आयोजित बहुमान समारोह में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी व संदीपमुनिजी ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालकर तपस्वी के तप की अनुमोदना करते हुए खूब खूब धन्यवाद व साधुवाद दिया। वहीं मुनि व साध्वी मंडल ने तपस्वी के परिवार को भी इस कठोर तप में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। सभा में तपस्वी के परिवार की ओर से श्री संघ के कोषाध्यक्ष रजनीकांत शाहजी व प्रिंसी शाहजी ने अपने विचार व्यक्त किए। वहीं ताल श्री संघ के युवा सचिव कमल पितलिया ने अपने विचार व्यक्त किए व अणु नवयुवक मंडल के अनमोल भरगट ने स्तवन प्रस्तुत किया। संचालन श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने किया। प्रभावना का लाभ प्रकाशचंद्र रोहित कुमार सकलेचा परिवार नलखेड़ा ने लिया। गुरुवार को धर्मसभा में अणु नवयुवक मंडल ताल के अलावा इंदौर, खिरकिया, बड़वानी, उज्जैन, रतलाम, नागदा जंक्शन, संजेली, दाहोद, जावरा आदि कई स्थानों के श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे।
तप की बोली तप से लगाकर तपस्वी का किया बहुमान
तपस्वी का तप की बोली तप से लगवाकर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से शॉल ओढ़ाकर माला पहनाकर बहुमान किया गया। तपस्वी का कई परिवारों व विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी बहुमान किया गया। इस दौरान धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए। स्वामीवात्सल्य का लाभ मालती शाहजी परिवार ने लिया। दोपहर में पौषध भवन पर चौवींसी का आयोजन हुआ।
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