झाबुआ। मध्यप्रदेश में सरपंचों का कार्यकाल चार वर्ष पूर्ण होने के बाद भी ग्राम पंचायतों के सरपंच विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांवों में विकास कार्यों को लेकर सरपंचों में उत्साह है और जनता को भी उनसे काफी अपेक्षाएं हैं, लेकिन राशि के अभाव एवं अन्य प्रशासनिक विसंगतियों के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सरपंच संघ जिला झाबुआ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के नाम 18 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर, रैली के रूप में लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला पंचायत सीईओ को दिया और शीघ्र समस्या के निराकरण की बात कही । सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश मेड़ा के नेतृत्व में उठाई गई मांगों में पंचायतों को अधिक अधिकार देने, लंबित भुगतान जारी करने, विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने तथा सरपंचों के मानदेय एवं पेंशन में वृद्धि करने सहित विभिन्न मुद्दे शामिल हैं। ये हैं सरपंच संघ की प्रमुख मांगें 1. ग्राम स्वराज व्यवस्था पुनः लागू हो: पंचायत राज व्यवस्था में पूर्व की तरह ग्राम स्वराज व्यवस्था लागू की जाए। सचिव एवं रोजगार सहायक के सीआर लिखने का अधिकार सरपंच को दिया जाए। सचिवों के वेतन एवं अवकाश स्वीकृति संबंधी अधिकार ग्राम पंचायत को सौंपे जाएं, ताकि पंचायत के कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें। 2. जनसंख्या के आधार पर राशि का आवंटन: वर्तमान में पंचायतों को वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर राशि आवंटित की जा रही है। संघ ने वर्तमान जनसंख्या के आधार पर राशि आवंटित करने की मांग की है। 3. वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराई जाए: 16वें एवं 6 वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। 4. ग्रामसभा को पूर्ण अधिकार: 16 वें वित्त आयोग में टाइड एवं अनटाइड मद की व्यवस्था समाप्त कर ग्रामसभा को पूर्ण अधिकार दिए जाएं। 5. भुगतान प्रक्रिया सरल हो: 16वें एवं 6वें वित्त आयोग की राशि के लिए डीपीआर बनाकर एएस होने पर टीएस मान्य किया जाए। मूल्यांकन के दौरान सरपंच, सचिव एवं वार्ड पंच के हस्ताक्षर की पूर्व व्यवस्था पुनः लागू की जाए। 6. भुगतान के अधिकार ग्राम पंचायत को मिलें: वीबी-जी रामजी योजना में पंचायतों के भुगतान के लिए डीएससी के अधिकार जनपद स्तर से हटाकर ग्राम पंचायतों को दिए जाएं, ताकि समय पर भुगतान हो सके। 7. हितग्राही स्वीकृति में समानता: संघ ने अलीराजपुर जिले में 5 हितग्राहियों के स्थान पर 20 हितग्राहियों के कपिलधारा कूप स्वीकृति संबंधी आदेश का हवाला देते हुए इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने की मांग की है। 8. ऑनलाइन हाजिरी बंद हो: वीबी-जी रामजी योजना में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था बंद की जाए। 9. मनरेगा का लंबित भुगतान: मनरेगा के पूर्व के लंबित भुगतानों का शीघ्र भुगतान किया जाए। 10. प्रधानमंत्री आदि आदर्श योजना की राशि: योजना के अंतर्गत बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए। 11. 375 कार्यों का प्रावधान लागू हो: संघ के अनुसार, भारत सरकार ने वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत ग्रामसभाओं को 375 कार्य कराने का प्रावधान दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश में केवल 37 कार्य दिए गए हैं। इनमें से भी 10 कार्य चालू नहीं हो पा रहे हैं। मांग की गई है कि केंद्र के प्रावधान के अनुसार सभी 375 कार्य प्रदेश में चालू किए जाएं। 12. निर्माण सामग्री पर ग्राम पंचायत का अधिकार: पंचायतों के निर्माण कार्यों के लिए बजरी, पत्थर, मुरुम एवं मिट्टी उठाने की छूट ग्राम पंचायतों को दी जाए। अन्य विभागों का अनावश्यक हस्तक्षेप समाप्त किया जाए। 13. मानदेय एवं पेंशन में वृद्धि: सरपंचों का मानदेय प्रतिमाह 30 हजार रुपये तथा पेंशन प्रतिमाह 5 हजार रुपये निर्धारित की जाए। 14. स्वच्छता अनुदान निधि: ग्राम पंचायतों को सरपंच स्वच्छता अनुदान निधि के रूप में 50 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएं। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप इसका आदेश शीघ्र जारी किया जाए। 15. एसओआर दरें लागू हों: वर्ष 2026-27 की एसओआर दरें लागू की जाएं। संघ के अनुसार, वर्तमान में वर्ष 2022 की दरें ही प्रचलित हैं। 16. बिजली बिल के नाम पर अवैध वसूली पर रोक: संघ ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों से बिजली बिल के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। नल-जल योजना बंद होने के बावजूद बिल भेजे जा रहे हैं। इस पर रोक लगाने तथा संबंधित विद्युत कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। 17. खेत सड़क एवं सुदूर सड़क योजना: ग्राम पंचायतों की मांग के अनुसार खेत सड़क एवं सुदूर सड़क योजना पुनः चालू की जाए। 18. मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल हो: संघ ने कहा कि जंबूरी मैदान में मुख्यमंत्री द्वारा मांगें मानने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। संघ ने संबंधित आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। 10 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त मांगों का 10 दिनों में निराकरण नहीं किया गया, तो जिलेभर के सरपंच कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे तथा भूख हड़ताल पर बैठेंगे। संघ ने कहा कि आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मांग पत्र की प्रतिलिपि सांसद श्रीमती अनिता नागरसिंह चौहान, मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया, थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया तथा भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया को भी भेजी गई है।
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