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झाबुआ

आओ पता लगाए:- आखिर क्यों वन विभाग द्वारा 6 ₹ किलो की सामग्री 30 ₹  किलो में खरीदी थी और 80 ₹ की 120 रुपए में…..

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झाबुआ – वन विभाग की मनमानी कार्यशाली के कई किस्से हमने पूर्व में भी सुने थे और विगत वर्ष भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी की मिलीभगत से शासन को आर्थिक नुकसान भी हुआ । जिसमें विभाग द्वारा छह रुपए प्रति किलो की सामग्री ₹ 30 प्रति किलो में खरीदी थी वह ₹ 80 किलो की सामग्री 120 रुपए प्रति किलो में खरीदी की थी और यह समस्त सामग्री क्विंटल मे या टनो में खरीदी की गई है जबकि इसका वास्तविक प्रयोग हुआ है या नहीं यह भी जांच का विषय है

जानकारी अनुसार वन मंडल झाबुआ अंतर्गत वन परिक्षेत्र पेटलावद में कैंम्पा मद से बिगड़े वनों की पुर्नस्थापना या सुधार हेतु योजना अंतर्गत  विभिन्न सामग्री खरीदी की गई थी । आवेदक द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत वन विभाग से वर्ष 2023-24 में सामग्री खरीदी गई के बिलों की जानकारी प्राप्त की गई और उस आधार पर विभाग द्वारा कई सामग्री बाजार भाव से अधिक दरों में खरीदी की गई । संभवत कुछ खरीदी टेंडर प्रक्रिया से भी की गई होगी । संभवत सीमेंट , रेत गिट्टी व अन्य सामग्री वन परिक्षेत्र पेटलावद में बीट बेडदा के कक्ष क्रमांक 157 एन.पी.व्ही मिश्रित वृक्षारोपण क्षेत्र 40 हेक्टेयर हेतु विभिन्न सामग्री की गई थी जिसमें विशेष रूप से बिलों में सामग्री खरीदी गई दर्शीयी गई थी लेकिन बिलों में सिर्फ यह दर्शाया गया सीमेंट एट साइड पीपीसी  । जबकि यह सीमेंट किस कंपनी की है तथा मिनी प्लांट है या मेजर प्लांट है यह कुछ भी दर्शाया नहीं गया जबकि मिनी प्लांट सीमेंट बाजारों में काफी सस्ते दरों में उपलब्ध होती है और उस पर भी आयएसआई मार्क अंकित होता है । इस प्रकार कहीं सस्ती दर वाली मिनी प्लांट सीमेंट तो नहीं खरीदी गई । जबकि बीट क्रमांक 315 आमलीपाडा में फेंसिंग हेतु पोल फिक्सिंग कार्य के लिए सीमेंट खरीदी थी तो यह सामग्री करीब 320 बैग खरीदी की गई थी जबकि यदि वास्तविकता में इसका आकलन किया जाए तो  इतनी मात्रा में लगी होगी या नहीं , यह जांच का विषय है । वही इस तरह की नोटशीट में कहीं भी यह नहीं दर्शाया गया कि कितने पोल लगाए गए होंगे। जिससे सीमेंट उपयोग को लेकर कोई चैलेंज नहीं किया जा सकता है। वही बीट के कक्ष  157 एन.पी.व्ही कैम्पा मिश्रित वृक्षारोपण क्षेत्र 40 हेक्टेयर हेतु चुना पावडर पेटलावद की  किसी फर्म गोपाल हार्डवेयर एंड रोप सेंटर से ₹ 30 प्रति किलो खरीदी दर्शाया गया । जबकि वास्तविकता में बाजारों में यह सामग्री 6 से 7 रुपए प्रति किलो उपलब्ध है । तथा यह चूना क्विटलों में खरीदा गया है वही गेरू पाउडर भी ₹ 20 प्रति किलो दर्शाया गया है जबकि यह भी 6 से 7 रुपए प्रति किलो बाजारों में उपलब्ध है वहीं गेरू पावडर का उपयोग किस कार्य के लिए किया गया है यह भी जांच का विषय है । वही कुछ बिलों में जीएसटी को लेकर कोई खुलासे नहीं किए गए। वहीं विभाग द्वारा बाइंडिंग वायर ₹ 120 प्रति किलो खरीदी की गई थी जबकि आज भी बाजारों में यह बाइंडिंग वायर ₹ 80 प्रति किलो जीएसटी पैड उपलब्ध हो रहा है । इस तरह चूना पाउडर, गेरू पाउडर के कई बिल इस विभाग में देखने को मिल सकते हैं । वही इस प्रकार वन विभाग में अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा मनमाने तौर पर खरीदी की जा रही है । आओ पता लगाए:- आखिर क्यों वन विभाग द्वारा क्यों मनमाने तौर पर खरीदी की गई ।

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