Connect with us

झाबुआ

आओ पता लगाए :- आखिर क्यों DPC पूर्ण रूप से मेहरबान है अजय पर….

Published

on

झाबुआ – जिले में अधिकारी कर्मचारी की मनमानी का आलम यह है कि भाजपा के राज़ में सरकारी नौकर भी स्कूल संचालक और सप्लायर बन गया है यह सरकारी नौकर अपने रिश्तेदारो के नाम की आड़ में शासन को चूना लगाने में व्यस्त रहते हैं कुछ ऐसा ही रामा ब्लॉक के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी नौकरी करते करते स्कूल संचालक और सप्लायर बन गया है जो प्रशासन के साथ साथ भाजपा के लिए चिंतन का विषय है ।

जिले के रामा ब्लॉक पर अधिकारी कर्मचारी की निगाह विशेष रूप से नजर आ रही है जहां रामा जनपद में हुए कथित घोटाले मे आरोपी ने करीब 53 लाख रूपये की राशि अपनी पत्नी के खाते में जमा करवाई थी । वही अब रामा ब्लॉक के बीआरसी कार्यालय में पदस्थ अज्जू  अपनी पत्नी के नाम से स्कूल संचालित कर रहा है और अपने साले की फर्म के माध्यम से रामा ब्लॉक के स्कूलों में  सामग्री सप्लाई भी कर रहा है । अज्जू जिले में अन्य अधिकारी कर्मचारी के लिए रोल मॉडल बना हुआ है और सभी को इस कर्मचारी से सिखना चाहिए , कि किस प्रकार सरकारी नौकरी करते-करते स्कूल का संचालन भी कर सकते हैं और सप्लायर भी बन सकते हैं । इस कर्मचारी की एक ओर विशेषता यह है कि यह प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहा है और संभवतः 5 वर्ष होने को है और अब भी प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहा है वहीं इस कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद भी DPC इस कर्मचारी को मूल पद पर भेजने को तैयार नहीं है जो जिले में जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है । वही डीपीसी इस कर्मचारी पर क्यों मेहरबान है यह जांच का विषय है। वही सूत्रों का कहना है कि इस कर्मचारी ने इस पद पर रहने के बाद अपनी पत्नी के नाम से स्कूल का संचालन भी किया जा रहा है और साले के नाम से सप्लायर भी बन गया है और एक वित्तीय वर्ष में लाखों रुपए की सामग्री सप्लाई भी कर चुका है । और एक वित्तीय वर्ष में रामा ब्लॉक में करीब 90 से अधिक बिल रिश्तेदार की फर्म के देखने को मिले हैं जो भाजपा के लिए चिंतन और मनन का विषय है । वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि यह कर्मचारी स्कूलों में शिक्षकों को सामग्री खरीदी के लिए दबाव भी बनता है और कारवाई की बात भी करता है चूंकि इस कर्मचारी के अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंध होते हैं और उसी का फायदा उठाकर यह रामा ब्लॉक में विभिन्न स्कूलों में अपना मूल कार्य छोड़कर सामग्री सप्लाई में व्यस्त रहता है । सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर डीपीसी इस कर्मचारी पर मेहरबान क्यों है क्या किसी आर्थिक लालच के कारण या अन्य दबाव के कारण । कारण चाहे जो भी हो पर यह कर्मचारी जिले में रोल मॉडल की तरह काम कर रहा है ।

देश दुनिया की ताजा खबरे सबसे पहले पाने के लिए लाइक करे प्रादेशिक जन समाचार फेसबुक पेज

प्रादेशिक जन समाचार स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा मंच है यहाँ विभिन्न टीवी चैनेलो और समाचार पत्रों में कार्यरत पत्रकार अपनी प्रमुख खबरे प्रकाशन हेतु प्रेषित करते है।

Advertisement

Subscribe Youtube

Advertisement

सेंसेक्स

Trending

कॉपीराइट © 2025. प्रादेशिक जन समाचार

error: Content is protected !!