Connect with us

झाबुआ

अभिनव सामायिक फेस्टीवल का आयोजन हुआ

Published

on

झाबुआ – तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण के आध्यात्मिक निर्देशन में धर्मसंघ की उपासक श्रेणी के मार्गदर्शन में शहर के लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित तेरापंथ सभा भवन में पर्यूषण पर्वाराधना का क्रम जारी है और पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उपासीका श्रीमती लीला मेहता व श्रीमती सुमन भंसाली ( सूरत ) के मार्गदर्शन में अभिनव सामायिक फेस्टीवल का आयोजन हुआ । जहां उपासीका द्वारा सामायिक के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया गया ।

सुबह करीब 9.30 बजे तेरापंथ सभा भवन पर अभिनव सामायिक फेस्टीवल के आयोजन हेतु समाजजन एकत्रित हुए । समाजजन में पुरुष वर्ग सफेद ड्रेस कोड में और महिला वर्ग मंडल की साड़ी पहने हुए इस सामायिक फेस्टिवल में सम्मिलित हुई ।‌ इस सामायिक फेस्टिवल हेतु सभी समाजजन सभा भवन में क्रमबद्ध तरीके से बैठे । उपासीका लीला मेहता व सुमन भंसाली द्वारा उपस्थित जनों को सामूहिक रूप से सामायिक का प्रत्याख्यान करवाया । तत्पश्चात सर्वप्रथम नमस्कार महामंत्र के जाप के साथ अभिनव सामायिक फेस्टिवल प्रारंभ हुआ । तत्पश्चात परमेष्ठी वंदना का संगान  हुआ । उसके बाद उपासीका द्वारा त्रिपदी वंदना करवाई गई व इसके बाद  11 लोगस्स का ध्यान करवाया गया । पश्चात महाप्राण ध्वनि का प्रयोग भी करवाया गया व  कायोत्सर्ग भी करवाया गया । उपासीका लीला मेहता द्वारा सामायिक के महत्व के बारे में समझाते हुए बताया कि सामायिक का अर्थ समता की साधना होता है अगर दिन के 24 घंटे में से प्रत्येक व्यक्ति दो-दो मिनट निकाले , तो प्रतिदिन एक सामायिक कर सकता है क्योंकि सामायिक का कालमान 48 मिनट का होता है सामायिक करते समय मुख्य बात यह बताई कि हमारी सामायिक में भावना शुद्ध होनी चाहिए । जैन दर्शन में सामायिक कितनी क्वांटिटी में की गई है यह महत्वपूर्ण नहीं है वरन यह किस क्वालिटी की गई या कहे कितने शुद्ध भाव से की गई है यह महत्व रखती है उपासीका लीला भंसाली ने बताया कि सामायिक के कालमान को चार भागों में विभक्त किया गया है प्रथम जप योग, द्वितीय ध्यान योग , तृतीय स्वाध्याय योग , चतुर्थ त्रिगुप्ति साधना का क्रम रहता है मन और इंद्रियों को वश में कर, समता की साधना करना ही सामायिक है । उपासीका द्वारा उपवास, एकासना , तैले के तपस्वीयो को प्रत्याख्यान भी करवाए  । कार्यक्रम में श्राविका सोनिया कोठारी द्वारा मंगलाचरण गीतिका का संगान किया गया  । वही तैले की तपस्या कर रहे सुश्रावक ताराचंद गादीया , मगनलाल गादीया , वैभव कोठारी के तप अनुमोदनार्थ श्राविकाओं द्वारा गीतिका का संगान किया । तेरापंथ सभा अध्यक्ष मितेश गादीया द्वारा सभी तपस्वियों के तप की सुखसाता पूछते हुए , तप की अनुमोदना की और पर्यूषण पर्व के दौरान अधिक से अधिक त्याग और तपस्या करने की बात कही । अंत में सभा सचिव विपिन भंडारी ने उपस्थित जनों का आभार माना ।

देश दुनिया की ताजा खबरे सबसे पहले पाने के लिए लाइक करे प्रादेशिक जन समाचार फेसबुक पेज

प्रादेशिक जन समाचार स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा मंच है यहाँ विभिन्न टीवी चैनेलो और समाचार पत्रों में कार्यरत पत्रकार अपनी प्रमुख खबरे प्रकाशन हेतु प्रेषित करते है।

Advertisement

Subscribe Youtube

Advertisement
झाबुआ10 hours ago

झाबुआ के जनजातीय कार्य विभाग का जवाब चर्चा में, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने पर उठे सवाल

झाबुआ14 hours ago

अवैध गांजे की खेती पर वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल , पुलिस ने तीन स्थानों से गांजे के पौधे किए जब्त, वन विभाग की निगरानी पर सवाल

झाबुआ1 day ago

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग, वनवासी कल्याण परिषद ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ,राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

झाबुआ2 days ago

10 हजार की रिश्वत के आरोप में BEO जय नारायण बैरागी व पवनसिंह बिलवाल लोकायुक्त गिरफ्त में ,

झाबुआ2 days ago

लोकायुक्त की कारवाई में बीईओ जय नारायण बैरागी को 10 हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार

सेंसेक्स

Trending

कॉपीराइट © 2025. प्रादेशिक जन समाचार

error: Content is protected !!