जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता फरसपुरा ग्रामीण विकास का उभरता मॉडल
धार, 6 फरवरी 2026। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के मार्गदर्शन में सिप्ला फाउंडेशन के सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत बाएफ लाइवलीहुड्स, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित प्रोजेक्ट जलधारा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ग्राम पंचायत फरसपुरा (ग्राम सादराबाद) में परियोजना-स्तरीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन बड़े हर्षाेल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।
जनवरी 2024 में प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जलधारा के माध्यम से ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने बीते दो वर्षों में जल संरक्षण, जल प्रबंधन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन अनुभव किया है। इसी उपलब्धि को साझा करने एवं सहभागी हितधारकों को एक मंच पर लाने हेतु यह सम्मेलन ग्रामवासियों द्वारा आयोजित किया गया।
अतिथियों का पारंपरिक स्वागत, ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में विकासखंड एवं जिला-स्तरीय शासकीय विभागों के प्रतिनिधि, सिप्ला फाउंडेशन तथा बाएफ लाइवलीहुड्स के वरिष्ठ अधिकारी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का ग्रामवासियों द्वारा पारंपरिक स्वागत गीत के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मेलन के दौरान ग्रामीणों ने स्वयं अपनी जुबानी प्रोजेक्ट जलधारा से आए सकारात्मक बदलावों जल उपलब्धता, सिंचाई सुविधा, कृषि उत्पादकता एवं आय वृद्धि के अनुभव साझा किए।
फरसपुरा ग्राम पंचायत बनी विकास का मॉडलरू ग्राम पंचायत फरसपुरा की सरपंच श्रीमती संतोषी चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सिप्ला फाउंडेशन के सहयोग एवं बाएफ लाइवलीहुड्स के तकनीकी मार्गदर्शन से ग्राम पंचायत फरसपुरा आज एक मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में उभरी है।
सिप्ला का दृष्टिकोण जल संरक्षण से आत्मनिर्भरता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आशीष जित्सी, मुख्य क्लस्टर प्रमुख, सिप्ला लिमिटेड, पीथमपुर ने कहा कि “पिछले दो वर्षों में परियोजना क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। ग्रामीण जल संरक्षण एवं उसके वैज्ञानिक उपयोग को अपनाते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हो रही है।”
परियोजना स्थलों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं किसानों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान आशीष जित्सी के नेतृत्व में सिप्ला लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परियोजना क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण किया गया। इस दौरान करेला बयड़ा में स्थापित 5 एचपी सोलर सप्लाई सिस्टम, तालाब गहरीकरण कार्य तथा इन हस्तक्षेपों से हुए प्रत्यक्ष लाभों पर किसानों से विस्तार से संवाद किया गया। अधिकारियों ने किसानों से जल उपलब्धता, सिंचाई सुविधा, फसल उत्पादन एवं आय में सुधार से जुड़े अनुभव सुने और परियोजना के प्रभाव को जमीनी स्तर पर समझा। साथ ही ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के माध्यम से दी जा रही मौसम आधारित कृषि एडवाइजरी से लाभान्वित किसानों से भी संवाद किया गया। मौसम आधारित सलाह के कारण फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण एवं लागत में कमी जैसे सकारात्मक परिणामों को अधिकारियों ने सराहा और इस नवाचार को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। विभागीय समन्वय की सराहनारू मंच पर उपस्थित कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, आत्मा परियोजना एवं पंचायत विभाग के प्रतिनिधियों को एक समन्वयक मंच पर लाकर ग्राम विकास की दिशा में संयुक्त प्रयास करने हेतु बाएफ लाइवलीहुड्स टीम की विशेष सराहना की गई।
स्वयंसेवा की मिसाल तालाब सफाई अभियानः
सम्मेलन से पूर्व सिप्ला लिमिटेड के 30 से अधिक स्टाफ सदस्यों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर ग्रामीणों के साथ तालाब सफाई अभियान में स्वेच्छा से सहभागिता की, जो सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।
कृषकों, पथप्रदर्शकों एवं महिला समिति का सम्मानः
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसपुरा के उत्कृष्ट खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रोजेक्ट जलधारा के जमीनी स्तर पर कार्यरत पथप्रदर्शक भीम सिंह डिण्डोरे, सुनील, भरत, प्रवीण एवं घनश्याम को सतत ग्रामीण विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान हेतु सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त करेला बयड़ा में 64 परिवारों के लिए जल व्यवस्था संभाल रही महिला जल निगरानी समिति को भी सम्मानित किया गया, जो महिला नेतृत्व एवं सामुदायिक जल प्रबंधन का सशक्त उदाहरण है।