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झाबुआ

महिलाएँ सशक्त होती है तो समाज और राष्ट्र भी सशक्त होता है – केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया

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झाबुआ – । विश्वभर में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकार, सम्मान, समानता और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। आज महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संदेश देता है कि जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं । आज के समय में महिलाएँ शिक्षा, राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल और व्यापार सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। पहले जहाँ महिलाओं की भूमिका घर तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब वे देश और समाज की प्रगति की धुरी बन चुकी हैं।
महिला दिवस का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अधिकार, अवसर और सम्मान दिलाने के प्रति समाज को जागरूक करना भी है। सरकार द्वारा भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकें ।

केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया – पेटलावद विधानसभा क्षेत्र से विधायक और मध्यप्रदेश सरकार में महिला एवं बाल विकास विभाग की कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया आदिवासी अंचल की सशक्त महिला नेतृत्व के रूप में जानी जाती हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं और लंबे समय से सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। निर्मला भूरिया ने राजनीति में आने के बाद से विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और आदिवासी समाज के विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दी है। मंत्री बनने के बाद वे आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने, कुपोषण की समस्या को कम करने तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही हैं। पेटलावद एवं झाबुआ जिले सहित आदिवासी क्षेत्रों में वे नियमित रूप से विकास कार्यों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहती हैं। क्षेत्रीय दौरों के दौरान वे आंगनवाड़ी केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा भी करती हैं।
राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से निर्मला भूरिया आदिवासी अंचल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष रूप से बात करें तो, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को प्रशासनिक कार्यों और नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2024  ,बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड (Best Electoral Practices Award – 2024-25 ,नेशनल वाटर अवार्ड (National Water Award ,वेस्ट मैनेजमेंट अवार्ड – 2020, लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन अवार्ड (2023), के साथ ही मोटी आई अभियान” के माध्यम से कुपोषण और स्वास्थ्य सुधार पर काम किया व आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “झाबुआ की उड़ान” जैसी पहल ।

इसके अलावा जिले के विभिन्न विभागों में उच्च पद पर कई महिला कर्मचारी कार्यरत हैं विशेष रूप से बसंती भूरिया जिला आबकारी अधिकारी  , सुप्रिया बिसेन सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग  , वैशाली सिसौदिया जिला कोषालय अधिकारी  , रितिका पाटीदार डिप्टी कलेक्टर , अवनधती प्रधान मेघनगर एसडीएम , कृतिका मोहटा जिला परिवहन अधिकारी ,  जिनेन्द्रीय सगोरिया सहायक संचालक जनसंपर्क विभाग,पुलिस विभाग से एसडीओपी रुपरेखा यादव आदि अनेक महिला अधिकारी हैं जो अपना परिवार को भी संभाल रही है और  कार्य भी दक्षता के साथ पूर्ण कर रही है और महिला सशक्तिकरण का ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत कर रही है ।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संदेश……

समस्त मातृशक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ………

एक समाज और राष्ट्र के रूप में हमारी प्रगति तभी सार्थक है, जब हमारी नारी शक्ति सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। मुझे यह कहते हुए अत्यंत गर्व होता है कि आज की ‘नई पीढ़ी की नारी’ अपनी सीमाओं को तोड़कर अंतरिक्ष से लेकर सेना तक और खेल के मैदान से लेकर कॉर्पोरेट जगत के ऊँचे शिखरों तक अपना परचम लहरा रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आज महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
“नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास-रजत-नग पगतल में।”
आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर एक ऐसे समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ लिंग के आधार पर कोई भेदभाव न हो और हर बेटी को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिले। जब नारी का सम्मान होगा, तभी राष्ट्र का सर्वांगीण उत्थान संभव है।
मैं भारत की प्रगति में योगदान दे रही प्रत्येक महिला के जज्बे को नमन करती हूँ और उनके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना करती हूँ।

निर्मला भूरिया , केबिनेट मंत्री (महिला एवं बाल विकास विभाग ) ।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च)के अवसर पर कलेक्टर नेहा मीना ने जिले की सभी माताओं, बहनों एवं बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि महिला शक्ति सृजन, संवेदनशीलता और संकल्प की अद्भुत प्रतीक है। एक महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास की सशक्त धुरी भी है । कलेक्टर ने कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो एक पूरा परिवार और समाज शिक्षित एवं सशक्त बनता है। आज महिलाएँ शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, कृषि, उद्यमिता, खेल और सामाजिक नेतृत्व जैसे अनेक क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रही हैं। उनकी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं ।  हमें बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जब महिलाएँ सशक्त होती है, समाज और राष्ट्र भी सशक्त होता है ।

नेहा मीना , कलेक्टर झाबुआ

महिलाएँ समाज की शक्ति और प्रेरणा हैं। एक महिला केवल एक बेटी या पत्नी ही नहीं होती, बल्कि वह माँ, बहन, मित्र और एक मार्गदर्शक भी होती है। आज के समय में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं — चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, खेल हो या राजनीति।हमारे देश में कई महान महिलाओं ने समाज को नई दिशा दी है। जैसे Sarojini Naidu, Kalpana Chawla, और Mary Kom जैसी महिलाओं ने अपने साहस और मेहनत से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है । फिर भी आज भी समाज में कई जगह महिलाओं को समान अवसर नहीं मिल पाते। इसलिए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम महिलाओं का सम्मान करेंगे, उन्हें शिक्षा और अवसर देने में सहयोग करेंगे और एक समान व सुरक्षित समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि –
“जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है और उसी से राष्ट्र का उत्थान होता हैं ।”

रितिका पाटीदार , डिप्टी कलेक्टर , झाबुआ

बच्चियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े , लेकिन आज के परिदृश्य में सतर्क रहे , माता पिता की भावनाओं का सम्मान करे और जो वर्किंग वुमन है वो नौकरी के साथ साथ परिवार की मूल भावना निस्वार्थ प्रेम, अटूट विश्वास , आपसी सहयोग और सुरक्षा का गहरा अहसास बनाए रखे ।

कृतिका मोहटा , जिला परिवहन अधिकारी, झाबुआ

सभी महिलाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महिलाएँ समाज की शक्ति और प्रेरणा का स्रोत हैं। आज महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता से नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उन्होंने सभी महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना की ।

रूपरेखा यादव , अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, झाबुआ

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी माताओं, बहनों एवं बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। आज की महिला अपने साहस, परिश्रम और प्रतिभा के बल पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और आत्मनिर्भर बनकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आइए, हम सभी महिलाओं के सम्मान के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।

जिनेन्द्रीय सगोरिया सहायक संचालक, जनसंपर्क विभाग जिला झाबुआ

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