झाबुआ – हैपडपम्प संधारण कार्य अनुबन्ध की शर्तो के अनूरूुप कार्य सम्पादन को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा सभी सहायक यंत्री उपखंड झाबुआ, थांदला , पेटलावद को पत्र जारी किया था और पत्र में निविदा की शर्तों अनुसार हैंडपंप संधारण कार्य में सामग्री परिवहन हेतु जीपीएस युक्त वाहन की उपलब्धता की बात कही थी लेकिन सभी सहायक यंत्री द्वारा कागजी खानापूर्ति तो पूर्ण कर ली गई , लेकिन यह वाहन आज तक किसी भी उपखंड कार्यालय में नजर नहीं आ आए , जो जांच का विषय है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग झाबुआ द्वारा जिले के 6 ब्लॉक झाबुआ, मेघनगर ,थांदला,राणापुर, पेटलावद व रामा ब्लॉक में हैंडपंप संधारण कार्य ठेकेदार पद्धति के माध्यम से निष्पादित किया जा रहा है इस निविदा में विशेष रूप से सामग्री परिवहन को लेकर विशेष शर्त का उल्लेख किया गया है जिसमें हैंडपंप संधारण कार्य में सामग्री विभागीय कार्यालय से संधारण कार्य स्थल तक तथा पुरानी सामग्री को विभागीय कार्यालय में जमा करने की संपूर्ण प्रक्रिया परिवहन सहित निविदा आमंत्रित की गई थी। साथ ही जीपीएस युक्त वाहन होना अनिवार्य है। विभाग के कार्यपालन यंत्र द्वारा पत्र के माध्यम से सभी सहायक यंत्री उपखंड झाबुआ, थांदला, पेटलावद को निविदा की शर्तों को पूर्ण करने की बात कही । लेकिन विभागीय ठेकेदार द्वारा कागजी खानापूर्ति तो पूर्ण कर ली गई , लेकिन आज तक यह वाहन किसी भी उपखंड कार्यालय में नजर नहीं आए और न हीं संधारण कार्य में यह वाहन उपयोग में लिए जा रहे हैं यदि सभी 6 ब्लाकों में प्रयुक्त वाहनों में लगे जीपीएस की जांच की जाए, तो संपूर्ण खुलासा हो सकता है वही सभी सहायक यंत्री निविदा की शर्तों को नजर अंदाज करते हुए मनमाने तौर पर कार्य कर रहे हैं और सामग्री परिवहन को लेकर आज भी ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है इस लचीली कार्यप्रणाली के लिए सभी ब्लाक के सबइंजीनियर और सहायक यंत्री पूर्ण रूप से जिम्मेदार है जो निविदा की शर्तों को नजरअंदाज कर रहे हैं और ठेकेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचा रहे हैं । चूंकि जिले में हैंडपंप संधारण कार्य में ठेकेदार द्वारा निविदा की शर्त अनुसार सामग्री परिवहन हेतु वाहन लगाया जाता है तो वाहन में डीजल, ड्राईवर, मेंटनेंस के लिए करीब 30-40 हजार रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्त खर्च होता है जो वर्तमान में सहायक यंत्रीयो की मेहरबानी से पूर्ण बचत हो रही है । और करीब निविदा अनुबंध के 6 माह बीत जाने के बाद भी इस शर्त को सिर्फ कागजों में पूर्ण किया गया है धरातल पर वाहन संधारण कार्य हेतु नजर नहीं आए हैं ।
वही हैंडपंप संधारण कार्य में सामग्री परिवहन हेतु राणापुर ब्लाक के ठेकेदार द्वारा फर्जी दस्तावेज या फर्जी अनुबंध विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है इस अनुबंध में विशेष रूप से वाहन स्वामी कोई ओर है और अनुबंध किसी ओर के साथ किया गया है और 18000 रुपए प्रतिमाह की दर से वाहन बिना डीजल के ,अनुबंध किया गया है इस तरह के फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए संबंधित ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए । वही रामा ब्लाक के ठेकेदार द्वारा वाहन अनुबंध संबंधी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं सिर्फ वाहन बोलेरो मेक MP45G 5515 का रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत किया है गाड़ी किसी मुन्ना लाल के नाम पर रजिस्टर्ड है तथा गाड़ी का PUC और बीमा को लेकर भी संशय है और बाकी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है जो विभाग की गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है और जांच का विषय भी है । वही सहायक यंत्री थांदला द्वारा भी हैंडपंप संधारण कार्य के लिए संबंधित ठेकेदार को जीपीएस युक्त वाहन की उपलब्धता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं लिए जा रहे हैं विभागीय सहायक यंत्री की लापरवाही के कारण ही निविदा अनुबंध के 6 माह बीत जाने के बाद भी जीपीएस युक्त वाहन विभागीय उपखंड कार्यालय में नजर नहीं आए हैं और भुगतान के लिए सब इंजीनियर तत्पर नजर आ रहे हैं ।
लापरवाही स्वीकार नहीं की जावेगी……जिले में कई जगहों पर गहराते जल संकट के बीच कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने सख्त रूख अपनाते हुए शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नल-जल योजनाओं और हैंडपंपों की अद्यतन स्थिति पर सख्त निर्देश देते हुए जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। तथा यह भी कहा की पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी । वही लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी। देखना दिलचस्प होगा कि