रामा/झाबुआ। ग्राम पंचायत रोटला क्षेत्र के गोलाबाड़ी गांव में भूरिया फलिया वाला नाला पर निर्मित पुलिया के निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध तकनीकी रिपोर्ट में कार्य का नाम “डबल रो ह्यूम पाइप कलवर्ट” दर्ज है और इसकी अनुमानित लागत 10 लाख रुपए बताई गई है। वहीं मौके की तस्वीर में पुलिया में तीन ह्यूम पाइप ही दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप कार्य किए जाने पर सवाल उठाए हैं ।
जानकारी अनुसार यह पुलिया निर्माण कार्य ग्राम पंचायत रोटला, जनपद पंचायत रामा के अंतर्गत गोलाबाड़ी गांव में भूरिया फलिया वाले नाले पर प्रस्तावित/निर्मित किया गया है। रिपोर्ट में कार्य की अनुमानित लागत 10.00 लाख रुपए तथा मद ITDP दर्शाया गया है। रिपोर्ट में इसे Double Row Hume Pipe Culvert बताया गया है ।
चार पाइप की जगह तीन होने का आरोप डबल रो ह्यूम पाइप कलवर्ट के सामान्य तकनीकी विन्यास में यदि प्रत्येक रो में दो पाइप निर्धारित हैं, तो कुल चार पाइप होने चाहिए। लेकिन मौके की तस्वीर में तीन पाइप के खुले हिस्से दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या निर्माण कार्य स्वीकृत ड्राइंग, डिजाइन एवं तकनीकी प्राक्कलन के अनुरूप हुआ है या नहीं । बारिश में पानी भराव से गुणवत्ता पर भी सवाल मौके की तस्वीर में पुलिया के सामने गंदा पानी जमा दिखाई दे रहा है। पाइपों के आसपास की संरचना में भी मिट्टी व मलबा नजर आ रहा है । वही गांव के युवक लालसिंह भूरिया पिता बापूसिंह भूरिया ग्राम गोला बड़ी रोटला पंचायत व अन्य का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण पुलिया की उपयोगिता और मजबूती को लेकर आशंका बनी हुई है ।
सांवरिया ट्रेडर्स से खरीदी पर उठे सवाल
वही युवक लालसिंह भूरिया ने बताया कि पंचायत द्वारा रेत , गिट्टी , सीमेंट आदि अनेक सामग्री सांवरिया ट्रेडर्स से खरीदी गई है जो संभवतः सरपंच के रिश्तेदार की फर्म है । जिसमें सीमेंट उस समय रु 330 प्रति बैग उपलब्ध थी तब 370 रूप प्रति बैग से खरीदी गई । याने 30 रूप प्रति बैग अतिरिक्त भूगतान किया गया । वही रेत डंपर 42000 प्रति डंपर उपलब्ध था और बिल में 50000 प्रति डंपर से भुगतान किया गया । बिलों में जीएसटी को लेकर कोई जानकारी दर्शायी नहीं गई । क्या फर्म द्वारा जीएसटी रिटर्न भरा गया या नहीं । जांच का विषय है वहीं रेत और गिट्टी की रायलटी को लेकर कोई जानकारी नहीं है । कही रायलटी चोरी का मामला भी है या नहीं जांच का विषय है । वही एक बिल में अन्य रु 2000 दर्शाया गया है यह अन्य क्या है । युवक ने इस फर्म से अधिक दरों में खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए हैं ।
माप पुस्तिका व तकनीकी स्वीकृति की जांच जरूरी मामले में ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया की तकनीकी स्वीकृति, स्वीकृत ड्राइंग/डिजाइन, प्राक्कलन, माप पुस्तिका (MB), लगाए गए पाइपों की संख्या एवं भुगतान की जांच कराई जाए। साथ ही मौके पर तकनीकी अधिकारियों से भौतिक सत्यापन कराया जाए। यदि स्वीकृत प्राक्कलन में चार पाइप निर्धारित पाए जाते हैं और मौके पर तीन ही लगाए गए हैं, तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है । अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौके का निर्माण स्वीकृत तकनीकी प्राक्कलन के अनुरूप है या नहीं। प्रश्न यह है कि 10 लाख की लागत वाले ‘डबल रो’ कलवर्ट में आखिर चार की जगह तीन पाइप क्यों…..?
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