झाबुआ। धर्म, आस्था और उत्साह के साथ यदि मानव सेवा का संकल्प जुड़ जाए, तो धार्मिक आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाते हैं। इसी भावना को साकार करते हुए सर्वोदय कला मंडल द्वारा विगत 45 वर्षों से बुनियादी शाला प्रांगण में नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंडल ने इस वर्ष अपने 45 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को ‘रक्तदान महादान’ के प्रेरणादायी विचार के साथ आगे बढ़ाते हुए धार्मिक आयोजन को समाजसेवा से जोड़ने की अनूठी पहल की है साथ ही कन्या भोज का आयोजन भी किया ।
जानकारी देते हुए सर्वोदय कला मंडल के अध्यक्ष राजनारायण गुप्ता व सचिव आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि नवरात्रि महोत्सव के दौरान शुक्रवार को बुनियादी शाला प्रांगण में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मंडल के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कुल 23 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान के माध्यम से मंडल के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि उत्सव की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उससे समाज के जरूरतमंद लोगों को लाभ मिले। रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने का माध्यम बन सकती है। इसी भावना के साथ मंडल ने नवरात्रि महोत्सव को मानवता और जनसेवा के संकल्प से जोड़ा।
रक्तदान से दिया मानवता और सेवा का संदेश सर्वोदय कला मंडल की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण है। नवरात्रि के दौरान जहां श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में लीन रहते हैं, वहीं मंडल ने रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के माध्यम से सेवा और परोपकार की भावना को प्राथमिकता दी है । मंडल का यह प्रयास समाज के अन्य संगठनों और युवाओं को भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है। रक्तदान को महादान इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका लाभ सीधे जरूरतमंद मरीजों को मिलता है। जरूरत के समय उपलब्ध रक्त किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। मंडल के सदस्यों द्वारा किया गया 23 यूनिट रक्तदान इसी मानवीय संवेदना का प्रतीक है । रक्तदान शिविर के आयोजन में अनिल भूरिया , लैब टेक्नीशियन निखिलेश नामदेव , लैब टेक्नीशियन इशाक शेख और आर्यन ने भी अपनी सेवाएं दी ।
1200 कन्याओं ने ग्रहण की भोजन प्रसादी नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को ही बुनियादी शाला प्रांगण में भव्य कन्या भोज का आयोजन भी किया गया। इसमें लगभग 1200 कन्याओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार आयोजित इस कन्या भोज में बड़ी संख्या में कन्याओं की सहभागिता रही । नवरात्रि में कन्या पूजन और कन्या भोज का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सर्वोदय कला मंडल वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन करते हुए कन्या भोज का आयोजन करता आ रहा है। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहन मिलता है । एक ओर रक्तदान शिविर के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की सहायता का संकल्प लिया गया, तो दूसरी ओर कन्या भोज के जरिए धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया गया। इस प्रकार महोत्सव में सेवा, समर्पण और श्रद्धा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। 45 वर्षों से निरंतर जारी है नवरात्रि महोत्सव सर्वोदय कला मंडल ( उत्कृष्ट मित्रों की उत्कृष्ट श्रृंखला ) द्वारा बुनियादी शाला प्रांगण में पिछले 45 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकजुटता और जनसेवा का माध्यम भी बन चुकी है । मंडल प्रतिवर्ष किसी न किसी सामाजिक सरोकार अथवा प्रेरणादायी विचार को अपने आयोजन से जोड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करता है। इस वर्ष रक्तदान महादान की थीम के साथ आयोजन करना इसी सोच को दर्शाता है। मंडल की पहल यह संदेश देती है कि धार्मिक उत्सव केवल पूजा-पाठ और मनोरंजन तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से समाजहित के कार्यों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
प्रतिदिन रंगारंग गरबों से सजी रहती है महोत्सव की रात नवरात्रि महोत्सव के दौरान बुनियादी शाला प्रांगण में प्रतिदिन रात्रि रंगारंग गरबों का आयोजन किया जा रहा है। गरबों के माध्यम से श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करते हुए उत्साह और उमंग के साथ महोत्सव में सहभागिता कर रहे हैं। धार्मिक वातावरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक सहभागिता महोत्सव को विशेष स्वरूप प्रदान कर रही हैं । रक्तदान, कन्या भोज और गरबों के संगम से सजा यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण और सेवा भावना का भी प्रतीक बन रहा है।
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