झाबुआ
श्री लंका की स्वर साधकए दुल्कान्ति समर सिंह द्वारा ए डॉ रामशंकर चंचल की गीत रचनाओं को स्वर लहरियां से सजाया गया
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झाबुआ। नि प्र। राष्ट्रीय अन्तर राष्ट्रीय स्तर पर झाबुआ जिले की पहचान बना झाबुआ जिले को सम्मान दिलाने वाले सहज सरल कलम धनी साहित्यकार डॉ रामशंकर चंचल के गीतों और गजलो को देश के महान संगीत कार ने खूब स्वर लहरियां से सजाया। जिसे सैकड़ों संगीत प्रेमियों और साहित्यकारों द्वारा सुना और खूब सराया गाया। अब प्रख्यात साहित्यकार डॉ रामशंकर चंचल के गीतों को श्री लंका से स्वर साधक दुल्का न्ति समर सिंह द्वारा गाया गया गीत खूब पसंद किया जा रहा है । सचमुच यह बहुत गर्व महसूस करने का विषय है कि आदरणीय डॉ चंचल के गीतों को अब अंतर राष्ट्रीय स्तर पर गाया और सुना जा रहा है। वनवासी अंचल झाबुआ जिले से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच जिले को सम्मानित करना बेहद गर्व महसूस होता है । इस अवसर पर डॉ रामशंकर चंचल को जिले से और देश से साहित्यकारों और संगीत प्रेमियों द्वारा बधाई दी जा रही है।